Dhanbad News : स्केटिंग करते हुए 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा पर निकले दो किशोर, युवाओं को दे रहे सनातन संस्कृति का संदेश
Dhanbad News : धनबाद के बरवाअड्डा पहुंचे गिरिडीह के दो युवा, स्केटिंग के जरिए कर रहे देशभर में धार्मिक जागरूकता फैलाने का प्रयास
Dhanbad News : गिरिडीह जिले के तिसरी गांवा निवासी दो किशोर स्केटिंग करते हुए 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा पर निकले हैं। धनबाद के बरवाअड्डा पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह यात्रा युवाओं को सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं से जोड़ने का संदेश दे रही है।
धनबाद के बरवाअड्डा में उस समय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जब स्केटिंग किट पहने और हाथों में भगवा ध्वज लिए दो किशोर धार्मिक यात्रा पर वहां पहुंचे। कम उम्र में इतनी बड़ी आध्यात्मिक यात्रा पर निकले इन युवाओं को देखने के लिए स्थानीय लोग उत्सुक नजर आए। गिरिडीह जिले के तिसरी गांवा निवासी 19 वर्षीय सौरव कुमार साव और 18 वर्षीय अंकित कुमार साव ने देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प लिया है। सबसे खास बात यह है कि दोनों किशोर यह पूरी यात्रा स्केटिंग करते हुए तय कर रहे हैं।
दोनों युवाओं का कहना है कि उनकी यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज और खासकर युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी है। उनका मानना है कि आधुनिक दौर में युवा धीरे-धीरे भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में वे अपनी इस अनोखी यात्रा के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने की अनोखी पहल
सौरव और अंकित ने बताया कि उन्होंने लंबे समय से इस यात्रा की तैयारी की थी। स्केटिंग के जरिए हजारों किलोमीटर की दूरी तय करना आसान नहीं है, लेकिन उनके अंदर अपने लक्ष्य को लेकर गजब का आत्मविश्वास और समर्पण है। दोनों किशोर रोज कई घंटों तक स्केटिंग करते हुए आगे बढ़ते हैं। रास्ते में कड़ी धूप, बारिश, थकान और मौसम की अन्य चुनौतियां भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर पा रही हैं।
उनका कहना है कि यात्रा के दौरान जहां भी वे पहुंचते हैं, वहां लोगों से मुलाकात कर सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और भारतीय सभ्यता पर चर्चा करते हैं। कई जगहों पर लोग उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। युवाओं का मानना है कि अगर नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहेगी, तभी भारतीय संस्कृति मजबूत बनी रहेगी।
एक साल से अधिक समय तक चल सकती है यात्रा
दोनों किशोरों ने बताया कि उनकी यह यात्रा कई राज्यों से होकर गुजरेगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों तक स्केटिंग करते हुए पहुंचने में उन्हें एक साल से अधिक समय लग सकता है। इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं है। वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं और हर दिन नई ऊर्जा के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।
बरवाअड्डा पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने दोनों युवाओं का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। लोगों ने कहा कि आज के समय में जहां युवा मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त हैं, वहीं इतनी कम उम्र में इस तरह की आध्यात्मिक यात्रा करना प्रेरणादायक है। कई लोगों ने इसे युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी यात्रा
स्केटिंग करते हुए धार्मिक यात्रा पर निकले इन दोनों किशोरों की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके जज्बे और साहस की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी संदेश दे रही है।
कम उम्र में कठिन रास्तों को पार करते हुए अपने उद्देश्य के लिए समर्पित रहना यह दिखाता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। सौरव और अंकित की यह अनोखी यात्रा आज युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।