Dhanbad News : स्टील गेट दुर्गा पूजा समिति ने किया खूंटी पूजन, 40 लाख की लागत से सजेगा काल्पनिक मोर थीम का भव्य पंडाल
Dhanbad News : 38वें वर्ष में प्रवेश कर रही स्टील गेट दुर्गा पूजा, पश्चिम बंगाल के कारीगर तैयार करेंगे आकर्षक थीम पंडाल
Dhanbad News : धनबाद के स्टील गेट दुर्गा पूजा समिति ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खूंटी पूजन कर दुर्गोत्सव 2026 की तैयारियों का शुभारंभ किया। इस वर्ष 40 लाख रुपये की लागत से काल्पनिक मोर थीम पर भव्य पूजा पंडाल बनाया जाएगा, जिसे पश्चिम बंगाल के कारीगर तैयार करेंगे।
धनबाद कोयलांचल में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह अब चरम पर पहुंचने लगा है। शहर की प्रतिष्ठित स्टील गेट दुर्गा पूजा समिति ने शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ खूंटी पूजन संपन्न कर दुर्गोत्सव 2026 की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ किया। खूंटी पूजन के साथ ही पूजा पंडाल निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं का कार्य भी शुरू हो गया है।
स्टील गेट स्थित पूजा मंडप परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में समिति के पदाधिकारी, सदस्य, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे वातावरण में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
खूंटी पूजन कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। पुरोहितों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार भूमि और खूंटी की पूजा कर मां दुर्गा का आह्वान किया। पूजा के दौरान समिति के सदस्यों ने मां दुर्गा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और सफल दुर्गोत्सव आयोजन की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लेकर आगामी नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर अपनी आस्था व्यक्त की। खूंटी पूजन को पूजा पंडाल निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक चरण माना जाता है, जिसके बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो जाता है।
स्टील गेट दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपने आयोजन के 38वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। पिछले कई दशकों से यह पूजा धनबाद की प्रमुख सार्वजनिक दुर्गा पूजाओं में शामिल रही है। हर वर्ष समिति सामाजिक सहभागिता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक थीम पंडाल के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्षों से स्थानीय लोगों का सहयोग और विश्वास ही इस पूजा की सबसे बड़ी ताकत रहा है। इसी सहयोग के कारण हर वर्ष आयोजन का स्वरूप और भी भव्य होता जा रहा है।
इस वर्ष स्टील गेट दुर्गा पूजा का बजट लगभग 40 लाख रुपये रखा गया है। इस राशि से पूजा पंडाल, विद्युत सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं तथा अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
समिति का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं को एक अलग और यादगार अनुभव देने के लिए थीम आधारित पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। आधुनिक कला और पारंपरिक धार्मिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय इस पंडाल की विशेष पहचान होगा।
इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण काल्पनिक मोर (Fantasy Peacock Theme) पर आधारित पूजा पंडाल होगा। समिति के अनुसार पंडाल में मोर की भव्य आकृतियों, रंग-बिरंगी कलात्मक सजावट, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और पारंपरिक शिल्पकला का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा।
पंडाल की डिजाइन इस प्रकार तैयार की जा रही है कि श्रद्धालुओं को प्रवेश करते ही एक काल्पनिक और दिव्य संसार का अनुभव हो। रंगों, प्रकाश और कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से मोर की सुंदरता को जीवंत रूप दिया जाएगा।
यह थीम बच्चों, युवाओं और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
स्टील गेट दुर्गा पूजा की एक खास पहचान उसके थीम पंडाल और मूर्तिकला रही है। इस वर्ष भी पश्चिम बंगाल के अनुभवी कारीगर पंडाल निर्माण का जिम्मा संभालेंगे।
बंगाल के कलाकार अपनी पारंपरिक शिल्पकला, लकड़ी और फाइबर डिजाइन, कपड़े की कलात्मक संरचना तथा सूक्ष्म सजावट के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। समिति ने बताया कि कारीगर जल्द ही धनबाद पहुंचकर निर्माण कार्य को अंतिम रूप देंगे।
करीब डेढ़ महीने तक लगातार चलने वाले निर्माण कार्य में दर्जनों कलाकार और मजदूर जुटे रहेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
समिति ने बताया कि इस वर्ष केवल भव्यता ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
पूजा परिसर में निम्नलिखित व्यवस्थाएं की जाएंगी—
- महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रवेश व्यवस्था
- सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
- अग्निशमन एवं आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था
- स्वच्छ पेयजल एवं चिकित्सा सहायता
- यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती
समिति का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में मां दुर्गा के दर्शन कर सके।
दुर्गा पूजा के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दल भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भक्ति संगीत, नृत्य, नाटक और बच्चों की प्रतियोगिताएं इस वर्ष के कार्यक्रमों की विशेष पहचान होंगी।
समिति का मानना है कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी सबसे बड़ा पर्व है, जो सभी वर्गों के लोगों को एक मंच पर जोड़ता है।
खूंटी पूजन के साथ ही स्टील गेट क्षेत्र में दुर्गा पूजा की रौनक दिखाई देने लगी है। स्थानीय बाजारों में भी पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और लोगों में नए वस्त्र, सजावट तथा खरीदारी को लेकर उत्साह बढ़ रहा है।
आने वाले दिनों में पंडाल निर्माण, प्रतिमा निर्माण और विद्युत सजावट का कार्य तेज गति से चलेगा। उम्मीद है कि इस वर्ष स्टील गेट दुर्गा पूजा अपने अनोखे काल्पनिक मोर थीम और भव्य आयोजन के कारण धनबाद की प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी।