Dhanbad News : सिंदरी में FCI के खिलाफ ‘शव यात्रा’! किराया बढ़ाने और क्वार्टर तोड़ने के टेंडर पर भड़का आक्रोश
Dhanbad News : सैकड़ों महिला-पुरुषों ने निकाली शव यात्रा, रोडाबांध चौक पर फूंका पुतला; मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
Dhanbad News : धनबाद के सिंदरी में एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। मनोहरटाड़ के लोगों ने सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों महिला-पुरुषों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने एफसीआई क्वार्टरों का किराया बढ़ाने और आवासों को तोड़ने के लिए जारी टेंडर का विरोध करते हुए प्रबंधन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और रोडाबांध चौक पर पुतला दहन किया।
धनबाद: औद्योगिक नगरी सिंदरी में एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मनोहरटाड़ और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए प्रतीकात्मक ‘शव यात्रा’ निकाली।
आंदोलनकारियों का मुख्य विरोध एफसीआई क्वार्टरों के किराये में कथित बढ़ोतरी और आवासों को तोड़ने के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन फैसलों से लंबे समय से सिंदरी में रहने वाले परिवारों के सामने गंभीर आवासीय संकट खड़ा हो सकता है। लोगों ने प्रबंधन से दोनों फैसलों को वापस लेने की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सिंदरी के रोडाबांध चौक पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष जुटे। आंदोलनकारियों के हाथों में विरोध से जुड़ी तख्तियां थीं और एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी पहले प्रतीकात्मक शव यात्रा लेकर सड़क पर निकले और इसके बाद रोडाबांध चौक पहुंचे।
हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से शव यात्रा निकालने के बाद आंदोलनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन के पुतले का दहन किया। पुतला दहन के दौरान रोडाबांध चौक पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि एफसीआई प्रबंधन की मौजूदा नीतियों को लेकर स्थानीय निवासियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि यह विरोध किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा और मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार एफसीआई प्रबंधन की ओर से क्वार्टरों का किराया बढ़ाया जा रहा है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार लंबे समय से सिंदरी में रहते आ रहे हैं और उनके लिए आवास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके जीवन और रोजगार से जुड़ी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लोगों ने मांग की कि किसी भी तरह की नई व्यवस्था लागू करने से पहले स्थानीय निवासियों की समस्याओं और आर्थिक स्थिति पर विचार किया जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि किराये में बढ़ोतरी का असर उन परिवारों पर अधिक पड़ेगा, जिनकी आय सीमित है और जो वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए किराया बढ़ाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों को नजरअंदाज कर कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन का दूसरा प्रमुख मुद्दा आवासों को तोड़ने के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस कदम से कई परिवारों के सामने रहने का संकट पैदा हो सकता है। लोगों में यह आशंका है कि यदि आवासों को तोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की कि एफसीआई प्रबंधन आवासों को तोड़ने से संबंधित टेंडर पर पुनर्विचार करे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनके भविष्य का समाधान किए आवासों को हटाने की प्रक्रिया उचित नहीं है।
सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोगों ने कहा कि सिंदरी के नागरिकों को उनके घरों और अधिकारों से जुड़े फैसलों में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने पहले मशाल जुलूस निकाला था और अब शव यात्रा के जरिए विरोध दर्ज कराया गया है।
सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा के संयोजक रविंद्र सिंह ने एफसीआई प्रबंधन पर सिंदरीवासियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रबंधन को चेताने के लिए पहले मशाल जुलूस निकाला गया था और अब शव यात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रबंधन तक मजबूती से पहुंचाना है।
रविंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा आगे की रणनीति तैयार करेगा और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना था कि स्थानीय लोगों के आवास और जीवन से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेता धर्मजीत सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने एफसीआई प्रबंधन से सिंदरी के लोगों के साथ कथित अत्याचार बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
धर्मजीत सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द मांगों पर पहल नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगे आंदोलन के दौरान एफसीआई के कामकाज को बंद कराने की दिशा में भी कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक और सामाजिक रूप से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने आंदोलन को और मजबूती दी। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा का विषय रही। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि सिंदरी के लोगों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासी अनामिका तिवारी सहित अन्य लोगों ने भी अपनी चिंताएं सामने रखीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासों से जुड़े फैसले उनके जीवन को सीधे प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में प्रबंधन को किसी भी कार्रवाई से पहले लोगों के पक्ष और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह भी साफ कर दिया कि यह मुद्दा केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवार इससे जुड़ी चिंताओं को लेकर आंदोलन में शामिल हैं। महिला प्रदर्शनकारियों ने भी नारेबाजी कर एफसीआई प्रबंधन से फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
रोडाबांध चौक पर हुए इस प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि एफसीआई क्वार्टरों के किराये में बढ़ोतरी और आवासों को तोड़ने के लिए जारी टेंडर के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा।
सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा ने कहा कि यदि प्रबंधन जल्द स्थानीय लोगों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करता है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संगठन की ओर से आगे भी विभिन्न चरणों में विरोध कार्यक्रम चलाने के संकेत दिए गए हैं।
फिलहाल, सिंदरी में एफसीआई प्रबंधन के फैसलों को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार तेज होता दिख रहा है। शव यात्रा और पुतला दहन के जरिए प्रदर्शनकारियों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एफसीआई प्रबंधन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और आगे इस विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।