Dhanbad News : रंजय सिंह हत्याकांड में फैसला टला, अगली तारीख का ऐलान नहीं
Dhanbad News : धनबाद के चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को प्रस्तावित फैसला टल गया। न्यायालय में आज निर्णय सुनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया। फिलहाल अदालत की ओर से अगली सुनवाई या फैसले की तारीख की घोषणा भी नहीं की गई है। मामले को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
Dhanbad News : धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को होने वाले फैसले को लेकर दिनभर लोगों की नजरें धनबाद न्यायालय पर टिकी रहीं। वर्ष 2017 में हुए इस चर्चित हत्याकांड में अदालत के फैसले का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। शनिवार को मामले में फैसला सुनाए जाने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन न्यायालय की ओर से फैसला नहीं सुनाया गया। इसके साथ ही फिलहाल अगली सुनवाई अथवा फैसले की तारीख भी निर्धारित नहीं की गई है।
फैसला टलने की जानकारी बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने मीडिया को दी। अदालत के इस निर्णय के बाद मामले से जुड़े पक्षकारों और लोगों की निगाहें अब अगली तारीख पर टिक गई हैं। हालांकि, अगली तारीख कब निर्धारित होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 को धनबाद के सरायढेला इलाके में गोली मारकर कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे कोयलांचल में सनसनी फैल गई थी। रंजय सिंह को तत्कालीन मेयर संजीव सिंह का करीबी माना जाता था। हत्या की घटना सामने आने के बाद धनबाद की राजनीति और अपराध जगत में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
हत्याकांड के बाद धनबाद में सिंह मेंशन और रघुकुल के बीच कथित वर्चस्व की लड़ाई को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई थीं। यही वजह रही कि यह मामला केवल एक हत्या की वारदात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लंबे समय तक धनबाद के राजनीतिक और आपराधिक घटनाक्रम के केंद्र में बना रहा।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरा निवासी नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को मुख्य शूटर बताया, जबकि हर्ष सिंह को भी मामले में आरोपी बनाया गया। वर्तमान में हर्ष सिंह जमानत पर बाहर हैं, जबकि नंदकुमार सिंह उर्फ मामा जेल में बंद है।
पुलिस के अनुसार, नंदकुमार सिंह उर्फ मामा के कथित इकबालिया बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने हर्ष सिंह को कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, मामले में आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है।
नंदकुमार सिंह उर्फ मामा वर्ष 2018 से जेल में बंद है। उसकी जमानत से जुड़ी याचिकाएं हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खारिज होने की बात सामने आई है। लंबे समय से जेल में रहने के कारण इस मामले की कानूनी प्रक्रिया पर भी लगातार नजर बनी हुई है।
रंजय सिंह हत्याकांड को धनबाद के उन चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है, जिनकी कड़ियां कोयलांचल में हुई अन्य बड़ी हत्याओं और आपराधिक घटनाओं से जोड़कर देखी जाती रही हैं। इस मामले को पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या से जुड़े आपराधिक घटनाक्रम की एक अहम कड़ी के रूप में भी देखा गया है।
धनबाद में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव, आपराधिक गतिविधियों और कथित वर्चस्व को लेकर कई घटनाएं चर्चा में रही हैं। ऐसे में रंजय सिंह हत्याकांड का फैसला भी स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि अदालत की कार्यवाही और फैसले की तारीख को लेकर लोगों में लगातार उत्सुकता बनी हुई है।
शनिवार को फैसले की संभावना को देखते हुए धनबाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की नजर कोर्ट परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों पर भी रही। सिंह मेंशन और रघुकुल से जुड़े समर्थकों के बीच संभावित टकराव की आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था।
फैसले को लेकर दोनों पक्षों से जुड़े लोगों की मौजूदगी की संभावना के बीच पुलिस बल को अलर्ट रखा गया था। हालांकि, शनिवार को फैसला नहीं सुनाए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई।
रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को फैसला नहीं आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अदालत अगली सुनवाई या फैसला सुनाने के लिए नई तारीख कब निर्धारित करती है। फिलहाल न्यायालय की ओर से अगली तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
मामले में लंबे समय से चली आ रही कानूनी प्रक्रिया के बीच फैसला टलने से पक्षकारों और इस मामले पर नजर रखने वाले लोगों को अब अगली न्यायिक कार्यवाही का इंतजार रहेगा। अगली तारीख निर्धारित होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत इस बहुचर्चित हत्याकांड में कब अपना निर्णय सुनाती है।