Dhanbad News : एसएनएमएमसीएच में बड़ी लापरवाही का आरोप: HIV पॉजिटिव प्रसूता का बिना सेफ्टी किट हुआ सिजेरियन, उसी OT में चार और ऑपरेशन
Dhanbad News : पहली HIV जांच में निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर किया गया ऑपरेशन, दोबारा जांच में पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप; अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
Dhanbad News : धनबाद के एसएनएमएमसीएच में HIV पॉजिटिव प्रसूता के सिजेरियन ऑपरेशन को लेकर कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में HIV निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद बिना विशेष सेफ्टी किट ऑपरेशन किए जाने और उसी OT में चार अन्य प्रसूताओं के ऑपरेशन का आरोप है। बाद में HIV जांच पॉजिटिव आने पर अस्पताल प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं।
Dhanbad News : धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग में HIV जांच और सिजेरियन ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक प्रसूता की शुरुआती HIV जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बिना विशेष सुरक्षा या सेफ्टी किट के उसका सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया गया। मामला इसलिए और गंभीर बताया जा रहा है क्योंकि इसके बाद उसी ऑपरेशन थिएटर में चार अन्य प्रसूताओं के भी ऑपरेशन किए गए।
बाद में जब संबंधित प्रसूता की दोबारा HIV जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रबंधन के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है।
जानकारी के मुताबिक, बैंक मोड़ इलाके की रहने वाली एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा के बाद पहले धनबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान सिजेरियन डिलीवरी की संभावना को देखते हुए महिला की आवश्यक जांच कराई गई। इसी क्रम में HIV टेस्ट भी कराया गया, जिसमें महिला के HIV पॉजिटिव होने की बात सामने आने की जानकारी है।
बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के लिए आवश्यक विशेष सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया। इसके बाद प्रसूता को एसएनएमएमसीएच के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया।
एसएनएमएमसीएच पहुंचने के बाद ऑपरेशन से पहले महिला की HIV जांच क्लिनिकल पैथोलॉजी लैब में कराई गई। यहां जांच रिपोर्ट निगेटिव बताई गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने प्रसूता का सिजेरियन ऑपरेशन किया।
आरोप है कि चूंकि अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट में महिला HIV निगेटिव बताई गई थी, इसलिए ऑपरेशन के दौरान HIV पॉजिटिव मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष सुरक्षा व्यवस्था या सेफ्टी किट का इस्तेमाल नहीं किया गया।
यहां सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जब महिला की पहले की जांच में HIV पॉजिटिव होने की जानकारी सामने आई थी, तो अस्पताल में दोबारा की गई जांच को किस आधार पर अंतिम माना गया और ऑपरेशन से पहले सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस तरह किया गया।
मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह बताई जा रही है कि संबंधित महिला के सिजेरियन ऑपरेशन के बाद उसी ऑपरेशन थिएटर में चार अन्य प्रसूताओं के भी ऑपरेशन किए गए। उस समय अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों को महिला की बाद में आने वाली HIV पॉजिटिव रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी।
अगर शुरुआती रिपोर्ट गलत या फॉल्स निगेटिव थी, तो यह पता लगाना जांच का अहम हिस्सा होगा कि रिपोर्ट में अंतर किस वजह से आया। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण से बचाव और बायोसेफ्टी से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किस स्तर तक किया गया था।
हालांकि, अभी तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस घटना से किसी अन्य मरीज या स्वास्थ्यकर्मी को HIV संक्रमण हुआ है। इस संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है।
मामला तब सामने आया जब बाद में प्रसूता की HIV जांच दोबारा कराई गई। इस बार आईसीटीसी केंद्र में उपलब्ध किट से की गई जांच में महिला की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव बताई गई।
दो अलग-अलग जांचों में सामने आए इस अंतर के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद एहतियात के तौर पर प्रसूता के पति, सास-ससुर और माता-पिता के भी सैंपल जांच के लिए लिए जाने की जानकारी है। फिलहाल इन जांचों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि एसएनएमएमसीएच के आईसीटीसी केंद्र में HIV जांच के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन यानी NACO की ओर से उपलब्ध कराई गई किट का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं क्लिनिकल पैथोलॉजी लैब में अलग प्रकार की जांच किट से टेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में जांच समिति के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि दोनों जांचों के परिणाम अलग-अलग क्यों आए। क्या सैंपल लेने, जांच की प्रक्रिया, किट, तकनीकी प्रक्रिया या रिपोर्ट की व्याख्या में कोई अंतर था? क्या पहली जांच को सिजेरियन ऑपरेशन के लिए पर्याप्त मानना उचित था? इन सभी बिंदुओं की जांच की जानी है।
एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार गिंदौड़िया ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि HIV पॉजिटिव प्रसूता के ऑपरेशन से जुड़ा मामला सामने आया है। उन्होंने गायनी विभाग के इंचार्ज को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
अधीक्षक के अनुसार, यह बात भी सामने आई है कि प्रसूता के पति की ओर से महिला के HIV पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, ऑपरेशन किन परिस्थितियों में किया गया और दोनों जांच रिपोर्टों में अंतर क्यों आया, इसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है। जांच में महिला की सभी HIV जांच रिपोर्ट, सैंपल लेने की प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई जांच किट, ऑपरेशन से पहले उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड और ऑपरेशन थिएटर में अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा सकती है।
साथ ही उन चार अन्य प्रसूताओं और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को लेकर भी चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक फॉलो-अप की जरूरत होगी। हालांकि, किसी व्यक्ति के HIV संक्रमित होने की पुष्टि केवल उचित चिकित्सकीय जांच से ही की जा सकती है।
इस मामले ने सरकारी अस्पतालों में HIV जांच की विश्वसनीयता, रिपोर्टों के बीच अंतर और ऑपरेशन से पहले मरीज की मेडिकल हिस्ट्री की पुष्टि जैसे महत्वपूर्ण सवालों को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि जांच समिति किन कारणों को जिम्मेदार मानती है और क्या अस्पताल की व्यवस्था में किसी स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।