Chirkunda News : चिरकुंडा में पानी के लिए सड़क पर उतरी महिलाएं, ‘जल दो या जेल दो’ के नारों से गूंजा पुराना जीटी रोड
Chirkunda News : झारखंड के चिरकुंडा में पिछले पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप रहने से लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। वार्ड संख्या 3, 8 और 18 की महिलाओं ने नगर परिषद और संबंधित विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुराने जीटी रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने तत्काल जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।
Chirkunda News : भीषण गर्मी के बीच चिरकुंडा में पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले पांच दिनों से पानी की सप्लाई बाधित रहने से वार्ड संख्या 3, 8 और 18 के लोगों में भारी आक्रोश है। पानी की समस्या से परेशान महिलाओं ने गुरुवार को सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेता रंजीत रवानी के नेतृत्व में महिलाओं ने चिरकुंडा ऊपर बाजार स्थित गांजा गली के सामने पुराने जीटी रोड को जाम कर दिया।
सड़क पर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नगर परिषद और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथों में पानी की समस्या से जुड़े विरोध के संदेश थे और वे लगातार “जल दो या जेल दो” के नारे लगा रही थीं। सड़क जाम होने के कारण पुराने जीटी रोड पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे, जिससे वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि पिछले पांच दिनों से उनके घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। गर्मी के इस मौसम में पानी की जरूरत सबसे अधिक होती है, लेकिन जलापूर्ति बंद होने के कारण लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई परिवारों के सामने रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के साथ-साथ पीने के पानी की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की ओर से पानी के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। लोगों का सवाल है कि जब जलापूर्ति के लिए शुल्क लिया जा रहा है, तो फिर उन्हें निर्धारित समय पर पानी क्यों नहीं मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पानी की समस्या को लेकर नगर परिषद, संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायत और आश्वासन के बाद भी जब पानी नहीं मिला, तो मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने चिरकुंडा में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी पुरानी पानी टंकी की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जेके आरआर स्कूल के पास स्थित पुरानी पानी टंकी जर्जर हालत में है। लोगों का आरोप है कि पुरानी टंकी की मरम्मत कराने के बजाय श्रम कल्याण केंद्र में नई पानी टंकी का निर्माण कराया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि नई पानी टंकी का निर्माण जरूरी हो सकता है, लेकिन जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह तैयार नहीं होती, तब तक मौजूदा आबादी को पानी उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि नई टंकी बनने तक आखिर लोगों की प्यास कैसे बुझेगी।
महिलाओं ने कहा कि पेयजल संकट का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और घर के अन्य सदस्यों पर पड़ रहा है। गर्मी में पानी के लिए लोगों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और प्रशासन तथा नगर परिषद को तत्काल जलापूर्ति बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान संबंधित वार्ड की पार्षद सरिता देवी, काशी साव और दीपक यादव भी मौके पर मौजूद रहे। पार्षद सरिता देवी ने भी माना कि पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों में काफी नाराजगी है।
पार्षद की ओर से समस्या को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेयजल संकट का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें सड़क जाम करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि घरों तक नियमित पेयजल की आपूर्ति चाहिए।
चिरकुंडा में पांच दिनों से जारी जल संकट ने नगर परिषद की पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
अब स्थानीय लोगों की नजर नगर परिषद और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि चिरकुंडा के वार्ड संख्या 3, 8 और 18 में पेयजल संकट का तत्काल समाधान कब होगा? क्या नई पानी टंकी बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? और सबसे अहम, क्या भविष्य में लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था तैयार की जाएगी?
फिलहाल सड़क पर हुए प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी गहरी है। यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई, तो प्रदर्शनकारियों के आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।