Dhanbad News : नगर निगम के कचरा वाहन ने ली युवक की जान, शव रखकर परिजनों का सड़क जाम
Dhanbad News : कचरा वाहन की चपेट में आने से 32 वर्षीय मिथलेश रजक की मौत, आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम
Dhanbad News : धनबाद के धैया ठाकुर कुल्ही इलाके में नगर निगम के कचरा ढोने वाले वाहन की चपेट में आने से घायल 32 वर्षीय मिथलेश रजक की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम कार्यालय के समीप सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मुआवजे तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मामले में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो की पहल के बाद मृतक के परिजनों और रैमकी कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद कंपनी की ओर से मृतक के परिजन को तत्काल नियोजन देने और दो लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही नियोजन के तहत 28 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात भी तय हुई। सहमति बनने के बाद परिजनों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मृतक मिथलेश रजक धैया ठाकुर कुल्ही इलाके का रहने वाला था। वह कपड़ा धोने का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मिथलेश शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे हैं। परिवार के लिए वह एक महत्वपूर्ण कमाऊ सदस्य था।
बताया गया कि मंगलवार को करीब तीन बजे मिथलेश अपने घर की ओर जा रहा था। इसी दौरान गलीनुमा सड़क पर पीछे की ओर बैक हो रहे नगर निगम के कचरा वाहन संख्या जेएच 10बीजेड-9279 की चपेट में वह आ गया। हादसे में मिथलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पहले मिथलेश को एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने उसके इलाज की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मिथलेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
मिथलेश की मौत के बाद गुरुवार को परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में नगर निगम कार्यालय के समीप पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा न हो।
प्रदर्शन के दौरान नगर निगम कार्यालय से रंधीर वर्मा चौक और कोर्ट की ओर जाने वाली सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया। सड़क जाम होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे के लिए जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मृतक के परिवार के लिए तत्काल राहत की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना था कि मिथलेश अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। उसकी अचानक मौत से पत्नी और तीन बच्चों के सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में मुआवजे के साथ परिवार के किसी सदस्य को रोजगार मिलना उनके लिए तत्काल राहत का माध्यम हो सकता है।
सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद धनबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और मृतक के परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों को लेकर तत्काल समाधान चाहते थे।
इसी बीच धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने मामले में पहल की और मृतक के परिजनों तथा रैमकी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू की। वार्ता के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा तथा नियोजन को लेकर चर्चा हुई।
वार्ता के बाद रैमकी कंपनी की ओर से मृतक के परिजन को दो लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को तत्काल नियोजन देने की बात भी तय हुई। नियोजन के तहत 28 हजार रुपये मासिक वेतन देने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
सांसद ढुल्लू महतो ने मुआवजा राशि बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मृतक के परिजनों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की सलाह दी। सांसद की पहल के बाद हुई इस सहमति से परिजनों को तत्काल आर्थिक और रोजगार से जुड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सहमति बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से शव हटाया और जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद इलाके में यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई। लंबे समय से सड़क पर जमा वाहनों को भी आगे बढ़ने का रास्ता मिला।
धैया ठाकुर कुल्ही में हुई यह घटना केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है। गलीनुमा और संकरी सड़कों पर भारी या बड़े आकार के कचरा वाहनों की आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
खासकर जब वाहन पीछे की ओर बैक किया जा रहा हो, उस समय चालक और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत होती है। ऐसे इलाकों में वाहन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन, जरूरत पड़ने पर सहायक कर्मी की मौजूदगी और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रबंधन जैसे कदम हादसों की संभावना को कम कर सकते हैं।
मिथलेश रजक की मौत ने एक परिवार से उसका कमाऊ सदस्य छीन लिया है। फिलहाल सांसद की पहल के बाद मुआवजा और नियोजन को लेकर सहमति बनने से परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है। लेकिन इस घटना के बाद यह उम्मीद भी की जा रही है कि नगर निगम और संबंधित एजेंसियां संकरी सड़कों पर कचरा वाहनों के परिचालन तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगी, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।