Dhanbad News : भाजपा कार्यालय बना पुलिस छावनी, पुतला दहन को लेकर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में नोकझोंक
Dhanbad News : भाजपा जिला कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई नोकझोंक, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा और संभाला मोर्चा
Dhanbad News : धनबाद में युवा कांग्रेस के प्रस्तावित पीएम मोदी और मनुस्मृति पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर भाजपा जिला कार्यालय के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव और जिलाध्यक्ष आदित्य समेत तीन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
धनबाद में युवा कांग्रेस के प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर सोमवार को भाजपा जिला कार्यालय के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मनुस्मृति का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। भाजपा जिला कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि भाजपा कार्यकर्ता भी अपने कार्यालय पहुंचने लगे।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव, धनबाद युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आदित्य समेत कई कार्यकर्ता भाजपा जिला कार्यालय की ओर पहुंचे। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद सड़क पर ही भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके कारण कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
युवा कांग्रेस ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मनुस्मृति का पुतला दहन करने की तैयारी की थी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वे अपने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाना चाहते थे। हालांकि, भाजपा जिला कार्यालय के सामने पुतला दहन की सूचना को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था।
भाजपा कार्यालय के आसपास पुलिस की मजबूत घेराबंदी की गई थी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। भाजपा समर्थक और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंच गए थे। ऐसे में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने पर दोनों राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
बताया जा रहा है कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर भाजपा जिला कार्यालय की ओर पहुंचे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ से प्रधानमंत्री का पुतला छीन लिया। पुतला छीनने की घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और सड़क पर नोकझोंक शुरू हो गई।
कुछ ही देर में दोनों दलों के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ने लगा। कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस की तत्परता के कारण मामला बड़े विवाद में बदलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव को हिरासत में ले लिया। उनके साथ धनबाद युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आदित्य समेत कुल तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अन्य कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया और उन्हें वहां से वापस भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे भाजपा जिला कार्यालय के बाहर स्थिति सामान्य होने लगी।
युवा कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा जिला कार्यालय के बाहर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। मुख्य सड़क से लेकर भाजपा कार्यालय के आसपास पुलिस की विशेष निगरानी थी।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किया। सड़क पर दोनों पक्षों की मौजूदगी के कारण कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस बल ने सक्रियता दिखाते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और किसी भी संभावित हिंसक घटना को रोकने की कोशिश की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतला दहन के कार्यक्रम का विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक नारेबाजी भी हुई। बढ़ते तनाव के कारण पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने युवा कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया और उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद भाजपा कार्यालय के बाहर पुलिस बल की तैनाती जारी रही।
पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों की प्राथमिकता भाजपा कार्यालय के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखना और दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह की भिड़ंत को रोकना रही।
घटना के बाद भाजपा जिला कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है और क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
सोमवार को हुए इस घटनाक्रम के बाद धनबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। युवा कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मनुस्मृति का पुतला दहन करने की घोषणा और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इसका विरोध किए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया।
युवा कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने-अपने राजनीतिक रुख पर सक्रिय दिखाई दिए। सड़क पर हुई नोकझोंक और पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।
हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। किसी बड़ी हिंसक घटना या गंभीर नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और भाजपा कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। सोमवार को भाजपा कार्यालय के बाहर जिस तरह से दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए, उसे देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही।
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव, जिलाध्यक्ष आदित्य और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच और निगरानी में जुटी हुई है।
फिलहाल धनबाद में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन भाजपा जिला कार्यालय के आसपास पुलिस बल की तैनाती जारी है। सोमवार को हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर धनबाद में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को सुर्खियों में ला दिया है।
आने वाले समय में इस मामले पर युवा कांग्रेस और भाजपा की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। फिलहाल सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जुड़े अगले कदम पर बनी हुई है।