Dhanbad News : धनबाद पहुंची देवेंद्र महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा, बोले—योग्यता के आधार पर मिले नौकरी, पैसे के बल पर नहीं
Dhanbad News : भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र महतो की यात्रा के नौवें दिन धनबाद में युवाओं से संवाद, 24 में से 12 जिलों की यात्रा पूरी होने का दावा
Dhanbad News : झारखंड में भर्ती व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के नौवें दिन धनबाद पहुंची। देवेंद्र महतो ने कहा कि युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, न कि पैसे के बल पर।
Dhanbad News : झारखंड में भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और नौकरी में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही छात्र नेता देवेंद्र महतो की “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” के नौवें दिन धनबाद पहुंचने पर युवाओं और आम लोगों से संवाद किया गया। देवेंद्र महतो ने इस दौरान कहा कि झारखंड के युवाओं को नौकरी उनकी मेहनत, योग्यता और क्षमता के आधार पर मिलनी चाहिए, न कि पैसे और पहुंच के बल पर। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को पूरे झारखंड के युवाओं की आवाज बताया।
मीडिया से बातचीत करते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि उनकी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा अब संथाल परगना और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यात्रा के दौरान उन्हें राज्य के विभिन्न जिलों में युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराजगी और चिंता है तथा बड़ी संख्या में युवा चाहते हैं कि सरकारी नौकरियों की पूरी व्यवस्था निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो।
देवेंद्र महतो ने झारखंड के महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक बिनोद बिहारी महतो के आह्वान “पढ़ो और लड़ो” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संदेश आज भी झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवाओं को जागरूक होना होगा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है।
देवेंद्र महतो ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को राज्य के विभिन्न हिस्सों में युवाओं का समर्थन मिल रहा है। संथाल परगना क्षेत्र में यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उनसे मुलाकात कर भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं ने उनसे यह अनुरोध किया है कि आंदोलन को बीच में नहीं छोड़ा जाए, बल्कि उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि रोजगार की उम्मीद लेकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को लंबे समय तक अनिश्चितता में नहीं रखा जा सकता। कई युवा वर्षों तक सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं और अपनी आर्थिक व पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद मेहनत करते हैं। ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, लेनदेन या अनियमितता की शिकायत सामने आती है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों को होता है।
देवेंद्र महतो ने कहा, “यह केवल देवेंद्र महतो की आवाज नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं की आवाज है। युवाओं को नौकरी उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, पैसे के बल पर नहीं।” उन्होंने कहा कि यदि कोई उम्मीदवार पैसे देकर नौकरी प्राप्त करता है, तो इसका सीधा असर उन युवाओं पर पड़ता है जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर प्रतियोगिता की तैयारी की है।
भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर देवेंद्र महतो ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के शागिर्दों ने नौकरी की दुकान खोल रखी है और भर्ती से जुड़े मामलों में केवल छोटे या निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर मामले को समाप्त करने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि भर्ती में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए। देवेंद्र महतो ने कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता या भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलते हैं, तो केवल बिचौलियों या छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। मामले में बड़े नेताओं, प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की पूरी श्रृंखला को सामने लाना जरूरी है, ताकि भविष्य में युवाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। उनके अनुसार, जब तक भ्रष्टाचार के पीछे खड़े प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद अधूरी रहेगी।
देवेंद्र महतो ने बताया कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा अब तक झारखंड के 24 जिलों में से 12 जिलों में पहुंच चुकी है। यात्रा के माध्यम से वे विभिन्न जिलों में युवाओं, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान युवाओं से उनकी समस्याओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को भी सुना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर युवाओं की बात को समझना और उनकी समस्याओं को एक मंच पर लाना है। अलग-अलग जिलों में युवाओं ने रोजगार, भर्ती परीक्षा, परिणाम, नियुक्ति प्रक्रिया और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
देवेंद्र महतो ने कहा कि राज्य के युवाओं की मांग है कि सरकारी भर्ती की प्रक्रिया समयबद्ध और निष्पक्ष हो। परीक्षाओं के आयोजन से लेकर परिणाम जारी करने और नियुक्ति तक हर चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही भर्ती से जुड़ी किसी भी शिकायत की त्वरित जांच और दोषियों पर कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
मंगलवार को देवेंद्र महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा बलियापुर स्थित बिनोदधाम से शुरू हुई। यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और युवाओं से मुलाकात की। इसके बाद यात्रा किसान चौक और मनिंद्र चौक होते हुए धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पहुंची।
विभिन्न चौक-चौराहों पर यात्रा के दौरान लोगों से संवाद किया गया और युवाओं की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। यात्रा के माध्यम से भर्ती व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज को मजबूत करने की कोशिश की गई। देवेंद्र महतो ने युवाओं से कहा कि वे अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहें तथा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
रणधीर वर्मा चौक के बाद देवेंद्र महतो की यात्रा पुटकी प्रभु चौक पहुंचेगी, जहां लोगों से संवाद करने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे अपनी आगे की यात्रा के लिए बोकारो रवाना होंगे।
देवेंद्र महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा ने झारखंड में सरकारी नौकरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। राज्य के लाखों युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और सरकारी नौकरियों को अपने भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका युवाओं के विश्वास को प्रभावित करती है।
देवेंद्र महतो ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार है। उन्होंने सरकार से युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर होने और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं ने राज्य के निर्माण से लेकर विकास तक हर क्षेत्र में योगदान दिया है। अब युवाओं की सबसे बड़ी अपेक्षा है कि उन्हें उनकी मेहनत और योग्यता के अनुरूप अवसर मिले। यदि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा, तो इससे राज्य के युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा।
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के धनबाद पहुंचने के साथ ही देवेंद्र महतो ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले चरणों में वे झारखंड के अन्य जिलों में पहुंचकर युवाओं से संवाद करेंगे और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज को मजबूत करेंगे।