Dhanbad News : केंदुआ में अचानक बने दो बड़े गोफ, गैस रिसाव से दहशत! BCCL ने की घेराबंदी, भराई शुरू
Dhanbad News : कुर्मी डीह पांडे बस्ती के पास जमीन धंसने से मचा हड़कंप, प्रभावित लोगों के सुरक्षित पुनर्वास की मांग तेज
Dhanbad News : धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में जमीन धंसने से दो बड़े गोफ बनने और गैस निकलने की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। BCCL ने प्रभावित स्थान की घेराबंदी कर दी है और गोफ की भराई शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के सुरक्षित और शीघ्र पुनर्वास की मांग की है।
धनबाद के केंदुआडीह इलाके में अचानक जमीन धंसने और दो बड़े गोफ बनने की घटना ने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अग्नि प्रभावित क्षेत्र कुर्मी डीह पांडे बस्ती से कुछ दूरी पर गुरुवार देर शाम खाली जमीन में अचानक भू-धंसान होने के बाद दो बड़े गोफ बन गए। घटना के बाद गोफ से तेजी से गैस निकलने की बात सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी BCCL प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए और प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। शुक्रवार को BCCL अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों गोफ की भराई का काम शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित कुर्मी डीह पांडे बस्ती के पास खाली स्थान पर अचानक जमीन धंस गई। भू-धंसान के बाद वहां दो बड़े गोफ बन गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोफ बनने के साथ ही वहां से गैस निकलने की सूचना से लोगों में भय का माहौल बन गया।
हालांकि जिस स्थान पर गोफ बना है, वह फिलहाल खाली जमीन है, लेकिन इसके आसपास आबादी मौजूद है। ऐसे में स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जमीन धंसने का दायरा आगे बढ़ता है तो आसपास रहने वाले परिवारों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
धनबाद और आसपास के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसान की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। इसी कारण इस नई घटना ने स्थानीय लोगों के बीच असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। बस्ती के लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे की स्थिति को लेकर लगातार निगरानी और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है।
गोफ बनने और गैस निकलने की सूचना के बाद BCCL प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई की। सुरक्षा के मद्देनजर गोफ के चारों ओर फेंसिंग कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति या मवेशी गलती से भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में न पहुंच जाए।
प्रभावित स्थान पर लोगों की आवाजाही को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों की निगरानी में गोफ की भराई शुरू की गई है। BCCL की ओर से मिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री डालकर धंसे हुए हिस्से को भरने का काम किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भू-धंसान वाले स्थान को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि खुले गोफ किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। विशेष रूप से रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे स्थानों पर खतरा और बढ़ सकता है।
घटना के बाद सबसे अधिक चिंता गोफ से गैस निकलने की सूचना को लेकर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन धंसने के बाद गोफ से गैस निकल रही थी। इसके बाद लोगों में डर फैल गया कि कहीं स्थिति और गंभीर न हो जाए।
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही जमीन की स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है। ऐसे में अचानक गोफ बनने और गैस निकलने की घटना ने लोगों को भयभीत कर दिया है।
हालांकि BCCL की ओर से प्रभावित स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और भराई का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोग इस तरह की घटनाओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल गोफ की भराई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरे की जद में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए।
स्थानीय JMM नेता महादेव हासदा ने घटना को गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि बस्ती से कुछ ही दूरी पर अचानक दो बड़े गोफ बनना आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरे की घंटी है।
महादेव हासदा ने BCCL प्रबंधन से अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सुरक्षित और जल्द पुनर्वास की मांग की। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले परिवार लगातार असुरक्षा के बीच जीवन जी रहे हैं। जब जमीन धंसने की घटनाएं सामने आती हैं तो लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।
उन्होंने मांग की कि प्रशासन और संबंधित प्रबंधन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाएं और पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उनका कहना है कि लोगों की जान और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इधर, BCCL अधिकारी लव प्रताप सिंह ने बताया कि कुर्मी डीह समेत आसपास के प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर सर्वे का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों के सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल गोफ खाली स्थान पर बना है और BCCL की ओर से इसकी भराई कराई जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र की घेराबंदी भी की गई है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र से दूर रहें और किसी भी स्थिति में फेंसिंग के भीतर न जाएं।
BCCL अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित स्थल पर प्रबंधन की निगरानी बनी हुई है और गोफ की भराई का काम जारी है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब BCCL और प्रशासन की पुनर्वास प्रक्रिया पर टिकी हुई है। सर्वे पूरा होने की जानकारी के बाद प्रभावित परिवार उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें जल्द ही सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि भू-धंसान और जमीन में दरार जैसी घटनाओं से उनका भय लगातार बढ़ता है। ऐसे में सुरक्षित आवास और पुनर्वास उनके लिए सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुनर्वास की प्रक्रिया को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए।
केंदुआडीह के कुर्मी डीह पांडे बस्ती के पास बने दोनों गोफ की फिलहाल BCCL की ओर से भराई कराई जा रही है। प्रभावित स्थल की घेराबंदी कर लोगों और मवेशियों को वहां जाने से रोका जा रहा है।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर अग्नि प्रभावित और भू-धंसान की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण आसपास रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि गोफ की भराई के साथ-साथ दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों और सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में भी तेजी से कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और BCCL की ओर से प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है, जबकि लोगों से भू-धंसान वाले इलाके से दूर रहने की अपील की गई है।