Dhanbad News : STG आउटसोर्सिंग का काम शुरू होते ही बवाल: पुलिस की मौजूदगी में आमने-सामने आए कंपनी समर्थक और स्थानीय रैयत, फिलहाल कार्य बंद
Dhanbad News : धनबाद के केंदुआ स्थित गोंन्दुडीह-बसेरिया की दास बस्ती में आउटसोर्सिंग कार्य शुरू होने पर बढ़ा विवाद, स्थानीय लोगों ने त्रिपक्षीय वार्ता की मांग की, पुलिस ने संभाला मोर्चा।
Dhanbad News : धनबाद के केंदुआ स्थित गोंन्दुडीह-बसेरिया की दास बस्ती में STG आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। कंपनी समर्थकों और स्थानीय रैयतों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नोकझोंक हुई। स्थानीय लोगों ने त्रिपक्षीय वार्ता की मांग करते हुए काम रुकवा दिया। फिलहाल इलाके में पुलिस तैनात है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
धनबाद के केंदुआ क्षेत्र स्थित गोंन्दुडीह-बसेरिया की दास बस्ती में शुक्रवार को STG आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। कंपनी समर्थकों और स्थानीय रैयतों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नोकझोंक हुई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति और पूर्व वार्ता के कंपनी द्वारा काम शुरू किया जा रहा है, जबकि कंपनी समर्थकों का कहना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल कंपनी का कार्य रोक दिया गया है और क्षेत्र में पुलिस की तैनाती जारी है।
काम शुरू होते ही शुरू हुआ विरोध
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह STG आउटसोर्सिंग कंपनी ने क्षेत्र में अपना कार्य प्रारंभ करने की कोशिश की। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय रैयत और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और काम का विरोध करने लगे। विरोध के दौरान कंपनी समर्थकों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि पुलिस पहले से ही मौके पर मौजूद थी, जिसने स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
कंपनी समर्थकों ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप
कंपनी समर्थक संजीत यादव उर्फ टुनटुन यादव ने गोंन्दुडीह ओपी पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सभी रैयतों को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पुलिस का व्यवहार सहयोगात्मक नहीं है।
संजीत यादव का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष भूमिका निभाए तो विवाद का समाधान आसानी से निकल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के दबाव में कंपनी का कार्य प्रभावित किया जा रहा है।
वहीं STG आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधक मुकुल मिश्रा ने भी प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कंपनी कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहती है और प्रशासन से अपेक्षा है कि वह सभी पक्षों को समान अवसर प्रदान करे।
स्थानीय रैयत बोले—पहले हो त्रिपक्षीय वार्ता, फिर शुरू होगा काम
दूसरी ओर स्थानीय रैयतों ने स्पष्ट कहा कि कंपनी उनकी सहमति के बिना कार्य शुरू नहीं कर सकती। उनका कहना है कि पहले कंपनी, स्थानीय रैयत और प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाए।
स्थानीय निवासी भगीरथ रवानी ने कहा कि जब तक सभी पक्षों के बीच बैठकर बातचीत नहीं होगी और सहमति नहीं बनेगी, तब तक कंपनी को कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों की अनदेखी भी स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग केवल संवाद और पारदर्शिता की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
ड्रोन उड़ाने को लेकर भी हुआ विवाद
घटनास्थल पर उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब कंपनी समर्थकों की ओर से ड्रोन उड़ाया गया। इस पर गोंन्दुडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी ने आपत्ति जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रोन संचालन को लेकर पुलिस और ड्रोन संचालक के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालांकि पुलिस और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला कुछ ही देर में शांत हो गया और स्थिति दोबारा सामान्य हो गई।
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
पुलिस की निगरानी में सामान्य है स्थिति
विवाद के बाद फिलहाल STG आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य रोक दिया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की हिंसक घटना नहीं हुई है।
प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संपर्क बनाए हुए है और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
त्रिपक्षीय वार्ता पर टिकी सभी की नजर
स्थानीय रैयत अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं कि कंपनी का कार्य तभी शुरू हो जब प्रशासन की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाए। दूसरी ओर कंपनी भी प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप और शीघ्र समाधान की उम्मीद कर रही है।
ऐसे में अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली पहल पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द ही त्रिपक्षीय वार्ता होती है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो रुका हुआ कार्य दोबारा शुरू हो सकता है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।