Dhanbad News : कतरास ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा: 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार, SIT ने हत्या में प्रयुक्त हथियार समेत कई अहम सबूत किए बरामद
Dhanbad News : धनबाद पुलिस की बड़ी सफलता, ऑनलाइन गेमिंग की लत और पैसों के लालच में रची गई थी BCCL कर्मी जयराम मांझी की हत्या की साजिश, तकनीकी जांच से 24 घंटे में सुलझा ब्लाइंड मर्डर केस।
Dhanbad News : धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र में हुए जयराम मांझी ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। SIT ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप, पत्थर, बाइक, मोबाइल, एटीएम कार्ड और अन्य सबूत बरामद किए। जानिए पूरी खबर।
धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत ईस्ट बसुरिया ओपी के सोरीटांड़-कौशलपुरम इलाके में हुए सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का धनबाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना लोहे का पाइप, पत्थर, मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले का खुलासा रविवार को ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब ने प्रेस वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और एसआईटी की लगातार की गई छापेमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
23 जुलाई को मिला था झाड़ियों में शव
ग्रामीण एसपी ने बताया कि 23 जुलाई की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि सोरीटांड़-कौशलपुरम के समीप झाड़ियों के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही कतरास थाना और ईस्ट बसुरिया ओपी पुलिस मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि अज्ञात व्यक्ति के सिर और चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया गया था। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक टाटा नेक्सन कार भी लावारिस हालत में खड़ी मिली। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।
कुछ ही समय बाद मृतक की पहचान बरवाअड्डा निवासी 57 वर्षीय जयराम मांझी के रूप में हुई, जो बीसीसीएल (BCCL) में कार्यरत थे। मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज कर दी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित हुई SIT
घटना की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व बाघमारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत विमल को सौंपा गया।
एसआईटी ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी की। पुलिस की मेहनत रंग लाई और 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, कई अहम सबूत बरामद
पुलिस ने तेतुलमारी के खास सिजुआ निवासी कुंदन कुमार तथा प्रेम चौहान उर्फ पुष्पा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए, जिनमें शामिल हैं—
- खून से सना लोहे का पाइप
- हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
- मृतक का मोबाइल फोन
- मोबाइल सिम कार्ड
- एटीएम कार्ड
- आधार कार्ड
- अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
- आरोपियों के खून लगे कपड़े
- दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन
इन सभी बरामद सामानों को पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
ग्रामीण एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कुंदन कुमार किसी निजी कंपनी में कार्य करता था, लेकिन उसे ऑनलाइन गेमिंग की गंभीर लत लग चुकी थी। इसी कारण वह लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसे पैसों की सख्त जरूरत थी।
इसी दौरान उसकी पहचान बीसीसीएल कर्मी जयराम मांझी से हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे कुंदन की नजर जयराम मांझी के पैसों पर पड़ गई। उसने किसी भी कीमत पर उनका पैसा हासिल करने की योजना बनाई।
अपनी योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी प्रेम चौहान उर्फ पुष्पा को भी शामिल कर लिया। दोनों ने मिलकर पहले से पूरी साजिश तैयार की और सुनियोजित तरीके से जयराम मांझी की हत्या कर दी।
हालांकि हत्या के बाद आरोपी मृतक के बैंक खाते से पैसे निकालने में सफल नहीं हो सके।
तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाना आसान नहीं था क्योंकि शुरुआती दौर में पुलिस के पास कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद गवाह नहीं था।
ऐसे में तकनीकी जांच, मोबाइल डेटा, घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, संदिग्धों की गतिविधियों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा।
लगातार निगरानी और सटीक रणनीति के कारण एसआईटी ने बहुत कम समय में आरोपियों तक पहुंच बनाई और पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
धनबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना
इस मामले में धनबाद पुलिस की तेज कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है। आमतौर पर ब्लाइंड मर्डर केसों की जांच में कई दिन या सप्ताह लग जाते हैं, लेकिन इस मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद कर लिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी रहेगी। बरामद किए गए साक्ष्यों की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में और भी मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
जांच अभी भी जारी
पुलिस फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं। साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी स्पष्ट हो सके।
धनबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।