Dhanbad News : धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर ईडी का बड़ा एक्शन, करीब एक दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
Dhanbad News : रांची और कोलकाता से पहुंची ईडी की 25 से अधिक टीमों ने धनबाद के कई इलाकों में की कार्रवाई, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी
Dhanbad News : धनबाद में कथित अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की। रांची और कोलकाता से पहुंची टीमों ने दस्तावेज, पेन ड्राइव और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की।
झारखंड के धनबाद में कथित अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की। रांची और कोलकाता से पहुंची ईडी की संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न इलाकों में करीब एक दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे दिन संबंधित क्षेत्रों में हलचल का माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई स्थानों पर स्थानीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई कथित अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईडी की करीब 25 टीमें अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहन जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने फिलहाल मामले में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

एक साथ कई इलाकों में हुई छापेमारी
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीमों ने सरायढेला के नालंदा कॉटेज, एक अपार्टमेंट, कतरास, टिकियापाड़ा, महुदा, लोयाबाद और झरिया सहित कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान संबंधित परिसरों में आने-जाने वालों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई और जांच पूरी होने तक कई जगहों पर आवाजाही सीमित रखी गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल स्टोरेज डिवाइस की जांच की। सूत्रों का दावा है कि कुछ स्थानों से पेन ड्राइव और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि, इन बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि ईडी की ओर से अभी नहीं की गई है।
इन लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई कथित तौर पर कोयला कारोबार से जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर की गई। जिन नामों की चर्चा सामने आ रही है उनमें पप्पू मंडल, गणेश यादव, माधव सिंह, हरेंद्र चौहान, अनिल गोयल, रोहित यादव, शबीर आलम और एलबी सिंह के करीबी रंजीत सिंह शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इन नामों का उल्लेख उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी और सूत्रों के आधार पर किया जा रहा है। जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी या दोष सिद्ध होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
वित्तीय लेन-देन की भी हो रही जांच
बताया जा रहा है कि ईडी की जांच केवल अवैध कोयले के कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग किन माध्यमों से किया गया और उसका प्रवाह किन-किन लोगों या संस्थाओं तक पहुंचा।
ईडी की टीम डिजिटल डेटा, बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर रही है ताकि वित्तीय लेन-देन से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाए जा सकें।
दिनभर बनी रही हलचल
छापेमारी की खबर सामने आते ही संबंधित इलाकों में लोगों की भीड़ जुटने लगी। कई स्थानों पर स्थानीय लोग कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए एकत्रित हुए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में मौजूद लोगों से पूछताछ भी की। कुछ स्थानों पर दस्तावेजों का मिलान किया गया, जबकि कई जगह इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच देर शाम तक जारी रही।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल ईडी की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री, संभावित कार्रवाई या आगे की जांच को लेकर अंतिम जानकारी एजेंसी के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित लोगों से पूछताछ के लिए समन भी जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध कोयला कारोबार पर लगातार नजर
धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला कारोबार लंबे समय से जांच एजेंसियों और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। समय-समय पर विभिन्न एजेंसियों द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जाती रही है। प्रवर्तन निदेशालय की मौजूदा कार्रवाई को भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो आगे और भी बड़ी कार्रवाई संभव है। फिलहाल सभी की नजर ईडी की जांच रिपोर्ट और आधिकारिक खुलासे पर टिकी हुई है।