Dhanbad News : बलियापुर–धनबाद रोड के गड्ढों की हुई पूजा, जर्जर सड़क के खिलाफ जेएलकेएम का अनोखा प्रदर्शन
Dhanbad News : धनबाद के बलियापुर–धनबाद मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और बारिश के बाद हुए जलजमाव से परेशान लोगों ने जेएलकेएम नेता आशीष महतो के नेतृत्व में सड़क के गड्ढों की पूजा कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Dhanbad News : धनबाद जिले के बलियापुर–धनबाद मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। लगातार बारिश के बाद सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से आम लोगों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। वर्षों से खराब पड़ी इस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों को हर दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की जर्जर हालत को लेकर लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। इसी के विरोध में बुधवार को स्थानीय लोगों ने जेएलकेएम नेता आशीष महतो के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बने गड्ढों की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। हाथों में पूजा की थाली, फूल और अगरबत्ती लेकर लोगों ने गड्ढों के सामने पूजा की और इसे प्रशासन की लापरवाही का प्रतीक बताया। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने राहगीरों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। लोगों का कहना था कि जब जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सड़क की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तब उन्हें इस तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार बलियापुर–धनबाद मुख्य मार्ग काफी समय से जर्जर स्थिति में है। बारिश होने के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां सही है और कहां गहरा गड्ढा मौजूद है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग खतरनाक बन गया है। कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
प्रदर्शन के दौरान जेएलकेएम नेता आशीष महतो ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं होता। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाती तो लोगों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। जगह-जगह बने गड्ढों में जलजमाव होने से वाहन चालक अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। कई लोगों को चोटें भी लग चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। इससे साफ है कि आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाते हैं। इसके अलावा कर्मचारी, व्यापारी और मरीज भी इसी सड़क का उपयोग करते हैं। खराब सड़क के कारण यात्रा में अधिक समय लग रहा है और लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई बार वाहन खराब हो जाते हैं और मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सड़क की स्थिति केवल असुविधा का कारण नहीं है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी खतरा बन चुकी है। यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू कराई जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। उनका कहना था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने यह भी कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल इस मार्ग की हालत बताती है कि आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर सड़क की मरम्मत और रखरखाव किया जाता तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
बारिश के मौसम में सड़कें प्रशासन की कार्यशैली की सबसे बड़ी परीक्षा होती हैं। यदि समय पर गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती तो आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बलियापुर–धनबाद मुख्य मार्ग का मामला भी इसी ओर इशारा करता है कि सड़कों के रखरखाव में सुधार की आवश्यकता है।
फिलहाल लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद सड़क मरम्मत को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं। यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई करता है तो लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन यदि समस्या जस की तस बनी रही तो क्षेत्र में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।