Dhanbad News : 1966 में शिक्षा की नींव से आज तक प्रेरणा, रघुनाथ खरकिया की शताब्दी जयंती पर भव्य समारोह
Dhanbad News : बीएसके कॉलेज मैथन में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा और क्षेत्र के विकास में स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया के योगदान को किया गया याद
Dhanbad News : निरसा के बीएसके कॉलेज मैथन में मैथन ग्रुप के संस्थापक स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया की शताब्दी जयंती पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उनके शिक्षा, समाजसेवा और क्षेत्रीय विकास में योगदान को याद किया गया। वर्ष 1966 में मैथन में बीएसके कॉलेज की स्थापना से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तक उनके परिवार की पहल को भी रेखांकित किया गया।
Dhanbad News : मैथन स्थित बीएसके कॉलेज में रविवार को मैथन ग्रुप के संस्थापक स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया की शताब्दी जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा, समाजसेवा और क्षेत्र के विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
समारोह की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। समारोह के दौरान विनोद बिहारी महतो की तस्वीर और स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
समारोह में स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया के जीवन और उनके कार्यों को याद करते हुए बताया गया कि एक समय धनबाद से रानीगंज के बीच उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त कॉलेज उपलब्ध नहीं थे। ऐसे समय में क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की मजबूरी को देखते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर पर शिक्षा की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की।
इसी सोच के तहत वर्ष 1966 में मैथन में बीएसके कॉलेज की स्थापना की गई। कॉलेज की स्थापना का उद्देश्य केवल एक शिक्षण संस्थान तैयार करना नहीं था, बल्कि आसपास के ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना भी था।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियाद होती है। इस दृष्टि से रघुनाथ खरकिया द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में की गई पहल को आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। साथ ही स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया के जीवन, संघर्ष, कार्यों और समाज तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके जरिए उपस्थित लोगों को उनके जीवन से जुड़ी विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के रूप में देखने के बजाय समाज के लिए किए गए कार्यों के संदर्भ में याद किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की वास्तविक विरासत उसके द्वारा समाज के लिए छोड़े गए कार्यों और मूल्यों से तय होती है।
रघुनाथ खरकिया के योगदान की चर्चा के दौरान शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि उनके परिवार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई।
उनके पुत्रों द्वारा चिरकुंडा में आई हॉस्पिटल की स्थापना की गई, जिससे क्षेत्र में आंखों से संबंधित चिकित्सा सेवाओं को विस्तार देने का प्रयास किया गया। समारोह में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में किए गए इन प्रयासों को सामाजिक विकास से जोड़कर देखा गया।
समारोह में बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय के कुलपति सीनियर प्रोफेसर डॉ. राम कुमार सिंह, बीएसके कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अंजली कुमारी, एसडीपीओ लीलेश्वर महतो, चिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, जगदीश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, मधुर अग्रवाल, कृष्ण लाल रूंगटा, प्राचार्य डॉ. प्रबीन सिंह और डॉ. कौशल कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, गुलदस्ता और पौधा देकर किया गया। वहीं स्वर्गीय बसंत अग्रवाल की पत्नी को भी सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण बीएसके कॉलेज की प्राचार्या प्रो. अंजली कुमारी ने दिया। उन्होंने समारोह में मौजूद अतिथियों और लोगों का स्वागत करते हुए रघुनाथ खरकिया के योगदान को याद किया।
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने कहा कि स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया ने अपने जीवन में जिस तरह के कार्य किए, वे समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज और क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
वहीं बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राम कुमार सिंह ने स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया के जीवन से मिलने वाली सीख को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन से त्याग, सहयोग, समर्पण, विकास, संपन्नता, स्थिरता और टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों की सीख मिलती है। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति और समाज दोनों आगे बढ़ सकते हैं।
समारोह केवल एक जयंती कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय रघुनाथ खरकिया के कार्यों और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं।
कार्यक्रम का मंच संचालन अजय शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मैथन सिरामिक कंपनी के प्रबंध निदेशक विशाल अग्रवाल ने किया।
शताब्दी जयंती के इस आयोजन में रघुनाथ खरकिया की उस सोच को विशेष रूप से याद किया गया, जिसके तहत शिक्षा को क्षेत्र के विकास का माध्यम बनाया गया था। वर्ष 1966 में स्थापित बीएसके कॉलेज आज भी उनकी उस पहल की विरासत के रूप में देखा जाता है। समारोह में मौजूद लोगों ने उनके शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को याद करते हुए उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।