Dhanbad News : धनबाद के 108 केंद्रों पर JTET परीक्षा शुरू, 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी हो रहे शामिल
Dhanbad News : दो पालियों में आयोजित हो रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा, कदाचार रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट; एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पूरा पता नहीं होने से अभ्यर्थियों को हुई परेशानी।
Dhanbad News : धनबाद में JTET 2026 परीक्षा 108 केंद्रों पर शुरू हो गई है। 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी दो पालियों में परीक्षा दे रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जबकि एडमिट कार्ड पर केंद्र का पूरा पता नहीं होने से अभ्यर्थियों को परेशानी हुई।
Dhanbad News : धनबाद में रविवार, 1 नवंबर 2026 को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET 2026 की शुरुआत हो गई है। जिले के 108 परीक्षा केंद्रों पर 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक बनने का सपना लेकर अभ्यर्थी सुबह से ही अपने-अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते नजर आए।
परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निगरानी दल भी लगातार सक्रिय हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को रोका जा सके।
धनबाद जिले में JTET 2026 की परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक कक्षा 6 से 8वीं तक के शिक्षकों की पात्रता परीक्षा ली जा रही है। वहीं, दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक कक्षा 1 से 5वीं तक के शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की आवाजाही और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ-साथ परीक्षा के परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया को लेकर उम्मीदें भी देखी जा रही हैं
JTET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना जिला प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए धनबाद के सभी 108 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासनिक और निगरानी दल लगातार सक्रिय हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की नकल, अनुचित गतिविधि या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू करने सहित आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और किसी भी प्रकार की बाधा को नियंत्रित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले और किसी भी अभ्यर्थी के साथ अनुचित स्थिति उत्पन्न न हो।
एक तरफ जहां प्रशासन परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा देने पहुंचे कुछ अभ्यर्थियों ने व्यवस्था से जुड़ी परेशानी भी सामने रखी है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पूरा पता स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें अपने निर्धारित केंद्र तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। कुछ अभ्यर्थियों को केंद्र खोजने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा, जबकि कुछ ने इसी वजह से परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी होने की शिकायत की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होने के लिए वे लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र का स्पष्ट और पूरा पता उपलब्ध नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय बन गया। खासकर दूसरे क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यह मामला परीक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम सवाल को भी सामने लाता है। जब हजारों अभ्यर्थियों को एक साथ परीक्षा में शामिल होना हो, तो एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम, पूरा पता और आवश्यक लोकेशन संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
ताकि अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें और उनका पूरा ध्यान परीक्षा पर केंद्रित रहे।
परीक्षा केंद्र पहुंचे अभ्यर्थी मकसूद आलम ने भी एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पूरा पता स्पष्ट नहीं होने से होने वाली परेशानी को लेकर अपनी बात रखी।
अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई यह समस्या परीक्षा आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत को दर्शाती है। परीक्षा का सफल आयोजन केवल सुरक्षा और निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक आसानी से पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य में शिक्षक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पात्रता परीक्षा है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके लंबे समय के परिश्रम और भविष्य की उम्मीदों से जुड़ा अवसर है।
धनबाद में 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी इस परीक्षा के बड़े स्तर को दर्शाती है। ऐसे में परीक्षा का निष्पक्ष और व्यवस्थित आयोजन प्रशासन के साथ-साथ संबंधित परीक्षा प्रबंधन की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अभ्यर्थियों की समस्याओं पर ध्यान देना भी जरूरी है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को प्रशासनिक या तकनीकी परेशानी के कारण नुकसान न उठाना पड़े।