Munna Pandey Murder Case : धनबाद के कतरास में मुन्ना पांडेय हत्याकांड का खुलासा, पार्टी के बहाने घर में घुसे दो दोस्तों ने की निर्मम हत्या
Dhanbad Katras Munna Pandey Murder Case: दशहरा में मिले पैसों के लालच में दोस्तों ने की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
Munna Pandey Murder Case : शराब पार्टी के बाद पैसों की तलाश में घर खंगालने लगे आरोपी, बर्तन गिरने की आवाज से खुली मृतक की नींद तो गला दबाकर किया बेहोश, फिर चाकू से रेता गला
Munna Pandey Murder Case : धनबाद के कतरास में मुन्ना पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। दशहरा पूजा में मिले 15 से 20 हजार रुपये के लालच में दो परिचितों ने हत्या की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान और हथियार बरामद किया।
Munna Pandey Murder Case : झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में हुए मुन्ना पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक के दो परिचितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मुन्ना पांडेय के साथ अक्सर बैठकर खाते-पीते थे। दशहरा पूजा के दौरान मुन्ना पांडेय को 15 से 20 हजार रुपये मिलने की जानकारी के बाद आरोपियों की नीयत बदल गई। पैसों के लालच में दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई और पार्टी के बहाने उनके घर पहुंचे।
पुलिस का दावा है कि शराब पार्टी के बाद जब मुन्ना पांडेय नशे की हालत में सो गए, तो दोनों आरोपी घर में रुपये तलाशने लगे। इसी दौरान बर्तन गिरने की आवाज से उनकी नींद खुल गई। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पहले गला दबाकर उन्हें बेहोश किया और फिर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर से टीवी, कांसे के बर्तन और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना कतरास थाना क्षेत्र की है। मुन्ना पांडेय की हत्या के मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाघमारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
पुलिस टीम ने घटनास्थल से तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर छानबीन की और संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी और मिथुन गोप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार किया। हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी मुन्ना पांडेय के परिचित थे। उनका मृतक के घर आना-जाना था और वे अक्सर साथ बैठकर खाते-पीते थे। इसी दौरान आरोपियों को जानकारी मिली कि दशहरा पूजा के दौरान मुन्ना पांडेय ने लगभग 15 से 20 हजार रुपये कमाए हैं।
पुलिस का कहना है कि इसी रकम को हासिल करने के लालच में दोनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। 28 अक्टूबर 2026 की रात दोनों मुन्ना पांडेय के घर पहुंचे और उनसे पार्टी करने की मांग की। बताया गया कि पार्टी के लिए रुपये भी मुन्ना पांडेय ने ही दिए थे।
आरोपियों के मुताबिक, घर में साथ बैठकर खाने-पीने के बाद मुन्ना पांडेय नशे की हालत में सो गए। इसके बाद दोनों ने घर में रखे रुपये तलाशने शुरू कर दिए।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रुपये तलाशने के दौरान घर में रखा कांसे का एक बर्तन गिर गया। बर्तन गिरने से तेज आवाज हुई, जिससे मुन्ना पांडेय की नींद खुल गई।
पुलिस का दावा है कि पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपियों ने मिलकर मुन्ना पांडेय का गला दबाया। इसके लिए टीवी के डिश कनेक्शन में इस्तेमाल होने वाले केबल तार का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। गला दबाने से मुन्ना पांडेय बेहोश हो गए।
इसके बाद पुलिस के अनुसार, मिथुन गोप ने घर में रखे चाकू से मुन्ना पांडेय का गला रेत दिया। इस हमले में उनकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आए इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घर से कई सामान लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान में सैमसंग कंपनी का एलईडी टीवी, कांसे के बर्तन और मोबाइल फोन शामिल थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सामान और हत्या में इस्तेमाल किए गए कथित हथियार बरामद किए हैं।
बरामद सामान में सैमसंग कंपनी का एलईडी टीवी, कांसे की तीन प्लेट, हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून लगा कपड़ा और डिश का काला केबल तार शामिल है। पुलिस का कहना है कि इन बरामद वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस ने निम्नलिखित रूप में की है:
- मिथुन गोप: उम्र लगभग 33 वर्ष, निवासी भगत सिंह चौक।
- सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी: उम्र लगभग 19 वर्ष, निवासी आमटांड़, थाना कतरास, जिला धनबाद।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
मुन्ना पांडेय हत्याकांड के खुलासे में कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार समेत पुलिस अवर निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, निर्भय कुमार, पवन तिर्की, सत्येंद्र यादव, सहायक अवर निरीक्षक शैलेश कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस की कार्रवाई और जांच से संबंधित जानकारी साझा की।
कतरास में सामने आया यह हत्याकांड कई गंभीर सवाल खड़े करता है। मृतक के परिचित बताए जा रहे आरोपियों पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि उन्होंने महज कुछ हजार रुपये हासिल करने के लालच में अपने ही जान-पहचान के व्यक्ति की हत्या कर दी।
जिस घर में कभी साथ बैठकर खाना-पीना होता था, उसी घर में कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। यह घटना भरोसे, दोस्ती और मानवीय रिश्तों के कमजोर पड़ने की भयावह तस्वीर सामने लाती है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और बरामद सामान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कतरास की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर चंद रुपयों के लालच में इंसान किस हद तक जा सकता है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ अपराध की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।