Dhanbad News : धनबाद में मिलावटखोरी का पर्दाफाश, झरिया में 360 किलो मिलावटी खाद्य सामग्री बरामद
Dhanbad News : दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित रंगों से तैयार 210 किलो बताशा और 150 किलो संदिग्ध सेवई जब्त; बिना वैध लाइसेंस चल रहा था कारखाना।
Dhanbad News : धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर रोड पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर 360 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री बरामद की। कार्रवाई में 210 किलो प्रतिबंधित रंगों से तैयार रंगीन बताशा और 150 किलो मिलावटी सेवई जब्त की गई। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रांची भेजे जाएंगे।
Dhanbad News : दीपावली से पहले मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच धनबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। झरिया थाना क्षेत्र के फतेहपुर रोड स्थित एक कारखाने में औचक छापेमारी कर विभागीय टीम ने कुल 360 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री बरामद की है। जब्त सामग्री में प्रतिबंधित रंगों से तैयार 210 किलोग्राम रंगीन बताशा और 150 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी सेवई शामिल है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने बरामद सामग्री को जब्त कर सील कर दिया है। अब खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए रांची भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि झरिया थाना क्षेत्र के फतेहपुर रोड स्थित फतेहपुर गली में बिना वैध अनुमति के एक कारखाना संचालित किया जा रहा है। यहां खाद्य सामग्री तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जाने की आशंका जताई गई थी।
सूचना मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने सोमवार को संबंधित कारखाने में औचक छापेमारी की। यह कारखाना दिनेश गुप्ता का बताया जा रहा है।
छापेमारी के दौरान टीम ने परिसर में रखी खाद्य सामग्री की जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल और कारखाने के वैध लाइसेंस से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने मौके पर मौजूद खाद्य सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग को 210 किलोग्राम रंगीन बताशा मिला। प्रारंभिक जांच में इन बताशों को तैयार करने में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
दीपावली के दौरान बताशों की मांग बढ़ जाती है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और मिठाई की दुकानों में इनकी व्यापक बिक्री होती है। ऐसे में यदि खाद्य पदार्थों को तैयार करने में प्रतिबंधित रंगों या असुरक्षित सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह लोगों की सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
हालांकि, बरामद बताशों में इस्तेमाल किए गए रंगों और उनकी वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। फिलहाल विभाग ने सामग्री को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने 150 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी सेवई भी बरामद की। इस तरह कारखाने से कुल 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई।
त्योहारों के दौरान सेवई की मांग भी काफी बढ़ जाती है। बाजार में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री की बिक्री होने के कारण गुणवत्ता की निगरानी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी हो जाता है।
विभाग अब बरामद सेवई और बताशों के नमूनों की जांच कराएगा। प्रयोगशाला रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि खाद्य सामग्री में किस प्रकार के रंगों या अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और क्या वे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में कारखाने के बिना वैध लाइसेंस संचालित होने की बात सामने आई है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े कारोबार में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों और लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का पालन करना होता है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री तैयार करने में सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल जरूरी है।
विभागीय जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संबंधित कारखाने के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
छापेमारी के बाद विभागीय टीम ने बरामद 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री को एक कमरे में रखकर ताला बंद किया और सील कर दिया।
अब बताशा और सेवई के नमूने जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद खाद्य सामग्री में प्रतिबंधित रंगों या अन्य मिलावटी पदार्थों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं। इसके साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।
विभागीय कार्रवाई के दौरान यह भी आशंका जताई गई कि कारखाने में तैयार बताशा और सेवई धनबाद जिले के विभिन्न बाजारों और दुकानों में सप्लाई की जाती थी।
अब खाद्य सुरक्षा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कारखाने में तैयार खाद्य सामग्री किन-किन दुकानों और बाजारों तक पहुंचाई गई है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ बाजार में उनकी आपूर्ति भी तेज हो जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री के निर्माण से लेकर बिक्री तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना आवश्यक है।
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करना है।
इस छापेमारी अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के साथ सेफ्टी ऑफिसर चंदन कुमार साव, चंद्रदेव मंजू और नैना कुमार नायक भी शामिल थे।