Dhanbad News : धनबाद सांसद बनकर पुणे के कारोबारी से 12 लाख की ठगी, भागा से आरोपी बबलू गिरफ्तार
Dhanbad News : धनबाद सांसद बनकर 12 लाख की ठगी, पुणे क्राइम ब्रांच ने भागा से बबलू को पकड़ा
Dhanbad News : धनबाद में सांसद के नाम और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को धनबाद का सांसद बताकर पुणे के एक कारोबारी से 12 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने धनबाद के भागा निवासी बबलू को गिरफ्तार किया है। पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के भागा से आरोपी को दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कारोबारी को धनबाद में सामूहिक विवाह समेत कई बड़े कार्यक्रम आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया था। कथित राजनीतिक पहचान और प्रभाव का भरोसा दिलाकर उसने धीरे-धीरे लाखों रुपये हासिल कर लिए।
मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में एक किशोरी के मोबाइल फोन से अहम सुराग मिला। मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उससे जुड़े लोगों की पूछताछ के बाद जांच की कड़ी बबलू तक पहुंची। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी के पूरे मामले और संभावित अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के मुताबिक, जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के भागा निवासी बबलू ने पुणे के शिवाजीनगर निवासी एक कारोबारी से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उसने खुद को धनबाद का सांसद बताया। इसके बाद उसने कारोबारी के सामने धनबाद में सामूहिक विवाह सहित कई बड़े सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कराने का प्रस्ताव रखा।
सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक आयोजन आमतौर पर समाज के जरूरतमंद परिवारों की सहायता और सामूहिक सहभागिता से जुड़े होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का प्रस्ताव कारोबारी के लिए आकर्षक साबित हुआ। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी राजनीतिक पहचान और प्रभाव का हवाला देकर कारोबारी का विश्वास जीतने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने कारोबारी से अलग-अलग चरणों में 12 लाख रुपये से अधिक की रकम हासिल कर ली। हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर लंबे समय तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। न तो कारोबारी को अपेक्षित परिणाम मिले और न ही उसे अपने पैसे के संबंध में संतोषजनक जानकारी मिल सकी।
बताया जा रहा है कि कारोबारी ने शुरुआत में आरोपी की बातों पर भरोसा किया और प्रस्तावित कार्यक्रमों के लिए रकम दी। लेकिन समय बीतने के बाद भी सामूहिक विवाह और अन्य बड़े आयोजनों को लेकर कोई गतिविधि सामने नहीं आई।
जब कारोबारी को महसूस हुआ कि कार्यक्रम कराने के नाम पर उससे पैसे लिए गए हैं, लेकिन वादे पूरे नहीं हो रहे हैं, तब उसे ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उसने पुणे में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 270/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कारोबारी से संपर्क, बातचीत और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को खंगालना शुरू किया।
इस मामले की जांच में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बातचीत करता था। इसी क्रम में उसने एक किशोरी के मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल किया था।
जांच के दौरान जब पुलिस ने संबंधित मोबाइल फोन को ट्रेस किया, तो उसका संबंध किशोरी तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की। पूछताछ में किशोरी ने बबलू नाम के व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन लेकर बातचीत करने की जानकारी दी।
यही जानकारी पुलिस के लिए अहम सुराग बनी। मोबाइल फोन से मिले संकेत और पूछताछ के आधार पर पुणे क्राइम ब्रांच की टीम धनबाद पहुंची। टीम ने जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के भागा में छापेमारी कर आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान एक किशोरी समेत कुल चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच के उद्देश्य से पुलिस ने इन लोगों से मामले से संबंधित जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
हालांकि, पूछताछ के बाद तीन लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि बबलू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने कारोबारी से कुल कितनी रकम हासिल की थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठगी की राशि 12 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस रकम के अलावा अन्य लेन-देन भी हुए थे।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आरोपी ने सांसद बनकर ठगी करने का यही तरीका अन्य लोगों के खिलाफ भी अपनाया था। जांच एजेंसियां इस संभावना को ध्यान में रखते हुए मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ रही हैं।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया, किन-किन कार्यक्रमों का प्रस्ताव दिया और कथित तौर पर राजनीतिक पहचान का इस्तेमाल कर कितनी रकम हासिल की।
यदि जांच में अन्य पीड़ितों के सामने आने की पुष्टि होती है, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता ठगी की पूरी राशि, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाना है।
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को आरोपी बबलू को न्यायालय में पेश किया गया। पुणे क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।
रिमांड के दौरान पुलिस ठगी के पूरे तरीके, कारोबारी से संपर्क स्थापित करने के पीछे की योजना और रकम के लेन-देन से जुड़े सवालों के जवाब तलाश सकती है। साथ ही, यह भी जांच की जाएगी कि आरोपी ने कथित सांसद की पहचान का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से किया।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान, पद या प्रभाव का दावा अपने आप में उसकी विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं है। सामूहिक विवाह, सामाजिक कार्यक्रम या किसी बड़े आयोजन के नाम पर आर्थिक लेन-देन करने से पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की पहचान की पुष्टि करना जरूरी है।
किसी भी बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए पैसे देने से पहले लिखित समझौता, आयोजन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार या दावों पर संदेह हो, तो संबंधित अधिकारियों से पुष्टि की जा सकती है।