Dhanbad News : धनबाद में ऊर्जा मित्रों का हल्ला-बोल, 4 महीने से वेतन नहीं मिलने पर भड़का आक्रोश
Dhanbad News : बिलिंग एजेंसी फ्यूजन पर वादाखिलाफी का आरोप, बकाया वेतन भुगतान और बिलिंग व्यवस्था में सुधार की मांग; 18 नवंबर को अर्धनग्न प्रदर्शन की चेतावनी।
Dhanbad News : धनबाद में चार महीने से वेतन नहीं मिलने पर झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने विद्युत प्रमंडल कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बिलिंग एजेंसी फ्यूजन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए संघ ने 18 नवंबर को अर्धनग्न प्रदर्शन की चेतावनी दी।
Dhanbad News : जिले में बिजली बिलिंग से जुड़े ऊर्जा मित्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने हिल कॉलोनी स्थित विद्युत प्रमंडल कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ऊर्जा मित्रों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुए संबंधित बिलिंग एजेंसी फ्यूजन पर वादाखिलाफी और भुगतान में लापरवाही का आरोप लगाया। संघ का कहना है कि लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण ऊर्जा मित्रों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि 18 नवंबर को सर्किल कार्यालय से जीएम कार्यालय तक अर्धनग्न प्रदर्शन किया जाएगा। इस घोषणा के बाद ऊर्जा मित्रों के बकाया वेतन और बिलिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ के अनुसार, ऊर्जा मित्र पिछले चार महीने से अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि बिलिंग एजेंसी फ्यूजन ने समय पर भुगतान नहीं किया, जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऊर्जा मित्रों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े बिलिंग कार्यों में योगदान देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल रहा है।
वेतन किसी भी कर्मचारी की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का प्रमुख साधन होता है। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, किराया, राशन और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां नियमित आय पर निर्भर करती हैं। ऐसे में यदि लगातार कई महीनों तक भुगतान नहीं हो, तो कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है।
ऊर्जा मित्रों का कहना है कि चार महीने से वेतन लंबित रहने के कारण उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, बकाया भुगतान की कुल राशि और प्रभावित ऊर्जा मित्रों की संख्या के संबंध में प्रदर्शन के दौरान कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि बिलिंग एजेंसी फ्यूजन की ओर से दुर्गा पूजा से पहले वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया था। ऊर्जा मित्रों को उम्मीद थी कि त्योहार से पहले उनका बकाया भुगतान हो जाएगा और वे अपने परिवार के साथ आर्थिक चिंता से मुक्त होकर पर्व मना सकेंगे।
लेकिन संघ का आरोप है कि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं हुआ और एजेंसी अपने आश्वासन पर खरी नहीं उतरी। इससे ऊर्जा मित्रों में नाराजगी और बढ़ गई। त्योहार से पहले भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी, जिसके बाद उन्होंने सामूहिक रूप से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षण अभियंता की ओर से दिए गए आदेश की अनदेखी की गई। ऊर्जा मित्रों के मुताबिक, यदि संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन होता, तो वेतन भुगतान की समस्या का समाधान पहले ही हो सकता था।
हालांकि, अधीक्षण अभियंता के आदेश और एजेंसी की ओर से भुगतान नहीं किए जाने के संबंध में विभागीय पक्ष तथा एजेंसी का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
वेतन विवाद के साथ-साथ ऊर्जा मित्र संघ ने बिजली बिलिंग व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया है। संघ का आरोप है कि मास्टर आईडी के माध्यम से बिलिंग आईडी हैक कर घर बैठे बिजली बिल बनाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इस तरह की कथित गतिविधियों से बिलिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
संघ का कहना है कि यदि बिलिंग व्यवस्था में अनियमितताएं हो रही हैं, तो इसका असर बिजली उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उपभोक्ताओं को बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और बिल में सुधार या अन्य शिकायतों के समाधान के लिए उन्हें विद्युत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
ऊर्जा मित्रों ने दावा किया कि बिलिंग से जुड़ी समस्याओं के कारण विद्युत कार्यालयों में भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में उनका कहना है कि बिलिंग प्रणाली की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं आईडी का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है।
हालांकि, बिलिंग आईडी हैक होने और अनधिकृत तरीके से बिल तैयार किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया आवश्यक है। यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे ऊर्जा मित्रों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, पिछले चार महीने से लंबित वेतन का जल्द भुगतान किया जाए। दूसरी, बिजली बिलिंग व्यवस्था को दुरुस्त कर उसमें पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों को उनके काम का भुगतान समय पर मिलना चाहिए। इसके साथ ही बिलिंग व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। ऊर्जा मित्रों की मांग है कि संबंधित एजेंसी और विद्युत विभाग इस मामले को गंभीरता से लें तथा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं।
इस पूरे विवाद में विभाग और बिलिंग एजेंसी के बीच जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होना भी जरूरी है। भुगतान में देरी के कारणों, लंबित वेतन के निपटारे की समयसीमा और बिलिंग संबंधी शिकायतों की जांच को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आने से विवाद के समाधान का रास्ता निकल सकता है।
ऊर्जा मित्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 18 नवंबर को सर्किल कार्यालय से जीएम कार्यालय तक अर्धनग्न प्रदर्शन किया जाएगा। संघ का कहना है कि लगातार समस्याओं के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए ऊर्जा मित्र अपने बकाया वेतन और बिलिंग व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विद्युत अधिकारी और बिलिंग एजेंसी इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाते हैं।
यदि समय रहते बातचीत के जरिए समाधान निकलता है, तो आंदोलन को टाला जा सकता है और ऊर्जा मित्रों को राहत मिल सकती है। वहीं, मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में विवाद आगे बढ़ने की आशंका है।