Dhanbad News : झीलिया डायवर्सन फिर बारिश में बहा, 50 हजार लोगों पर पेयजल संकट; सड़क जाम कर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
Dhanbad News : निरसा के कुमारधुबी क्षेत्र में डायवर्सन और जलापूर्ति पाइपलाइन बहने से कुमारधुबी, शिब्लीबाड़ी, कालीमंडा और चिरकुंडा समेत कई इलाकों में पानी का संकट गहराया, PHED ने 24 घंटे में आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया।
Dhanbad News : निरसा के कुमारधुबी स्थित झीलिया डायवर्सन मूसलाधार बारिश में फिर बह गया। जलापूर्ति पाइपलाइन टूटने से करीब 50 हजार लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, PHED ने 24 घंटे में मरम्मत का आश्वासन दिया।
Dhanbad News : धनबाद जिले के निरसा प्रखंड अंतर्गत कुमारधुबी ओपी क्षेत्र में शंकर टॉकीज के समीप झीलिया पुल के पास बना अस्थायी डायवर्सन एक बार फिर तेज बारिश की भेंट चढ़ गया। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण डायवर्सन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं इसके साथ गुजर रही जलापूर्ति पाइपलाइन भी बह गई। परिणामस्वरूप कुमारधुबी, शिब्लीबाड़ी, कालीमंडा, चिरकुंडा और आसपास के कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस घटना से लगभग 50 हजार की आबादी सीधे प्रभावित हुई है। लोगों को पीने के पानी के लिए निजी स्रोतों और दूर-दराज के हैंडपंपों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
तीन दिनों से पानी की समस्या, मरम्मत के कुछ घंटे बाद फिर टूटी पाइपलाइन
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी ने अपने निजी खर्च से सोमवार को पाइपलाइन की मरम्मत करवाई थी ताकि लोगों को राहत मिल सके।
लेकिन सोमवार देर रात हुई तेज बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। बारिश के तेज बहाव में डायवर्सन सड़क ध्वस्त हो गई और हाल ही में मरम्मत की गई पाइपलाइन भी बह गई। इसके बाद पूरे इलाके की जलापूर्ति एक बार फिर पूरी तरह बंद हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन विभागीय स्तर पर स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
आवागमन भी ठप, ऑटो और टोटो चालकों की रोजी पर संकट
डायवर्सन टूटने का असर केवल पेयजल तक सीमित नहीं रहा। मैथन–कुमारधुबी और चिरकुंडा के बीच संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो गया है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण छोटे वाहन, ऑटो और टोटो का संचालन लगभग ठप हो गया है।
स्थानीय चालक बताते हैं कि यही मार्ग उनकी आय का प्रमुख साधन है। सड़क बंद होने से यात्रियों की संख्या घट गई है और कई चालकों को पूरे दिन खाली लौटना पड़ रहा है। व्यापारियों को भी सामान लाने-ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार डायवर्सन टूटने से पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों ने PHED, PWD और ठेकेदार पर उठाए सवाल
क्षेत्रवासियों ने इस समस्या के लिए PHED, PWD और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह तीसरी बार है जब बारिश में डायवर्सन बहा है, इसके बावजूद न तो मजबूत निर्माण कराया गया और न ही जलापूर्ति पाइपलाइन को सुरक्षित करने की कोई दीर्घकालिक योजना बनाई गई।
लोगों का कहना है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टाल दिया जाता है, जिससे अगले ही बारिश में वही स्थिति दोबारा उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद स्थानीय अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे और लोगों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लिया।
बारिश में भी सड़क पर उतरे ग्रामीण, शिब्लीबाड़ी में लगा जाम
लगातार बढ़ती परेशानी और पानी की किल्लत से नाराज ग्रामीण मंगलवार को बारिश के बीच सड़क पर उतर आए। जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने शिब्लीबाड़ी पुराने चेकपोस्ट के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थायी पुल निर्माण, मजबूत डायवर्सन और नियमित जलापूर्ति की मांग की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए ताकि हर वर्ष बारिश में लोगों को इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
PHED का आश्वासन: 24 घंटे में बहाल होगी जलापूर्ति
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद PHED विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि एक दिन के भीतर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
विभागीय आश्वासन के बाद जिला परिषद सदस्य और ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर सड़क जाम हटा लिया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
अब पूरे क्षेत्र की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग अपना वादा समय पर पूरा करता है या नहीं।
माले नेता नागेंद्र कुमार ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
इधर भाकपा माले के नेता नागेंद्र कुमार ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर यातायात और पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भाकपा माले के बैनर तले व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता की अनदेखी और विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उनका कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी पुल और सुरक्षित जलापूर्ति व्यवस्था ही इस समस्या का समाधान है।
स्थायी समाधान की मांग तेज
झीलिया डायवर्सन का बार-बार बहना अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह निर्माण गुणवत्ता, विभागीय समन्वय और सार्वजनिक सुविधाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। करीब 50 हजार लोगों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होना इस बात का संकेत है कि अस्थायी उपाय लंबे समय तक कारगर साबित नहीं हो सकते।
फिलहाल ग्रामीण विभाग के 24 घंटे वाले आश्वासन पर भरोसा किए हुए हैं, लेकिन यदि समय पर जलापूर्ति बहाल नहीं होती और यातायात सामान्य नहीं हुआ, तो क्षेत्र में एक बार फिर आंदोलन तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।