Dhanbad News : केंदुआ-मछली पट्टी और करकेन्द में जल संकट पर विधायक राज सिन्हा ने संभाला मोर्चा
Dhanbad News : केंदुआ और करकेन्द में जलापूर्ति सुधारने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, पाइपलाइन मरम्मत, ट्रांसफार्मर चालू करने और स्थायी समाधान की दिशा में बनी नई कार्ययोजना
Dhanbad News : धनबाद के केंदुआ मछली पट्टी और करकेन्द पासी धोड़ा इलाके में गहराए जल संकट को लेकर विधायक राज सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। नए मोटर, पाइपलाइन मरम्मत, ट्रांसफार्मर चालू करने और 147 MLD जल संयंत्र के सरप्लस पानी को माडा नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
धनबाद के केंदुआ मछली पट्टी और करकेन्द के पासी धोड़ा इलाके में पिछले कई दिनों से गहराए जल संकट को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ी पहल शुरू हो गई है। लगातार कम पानी के प्रेशर, कई मोहल्लों में जलापूर्ति ठप होने और लोगों की बढ़ती परेशानी के बाद धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विभागीय सचिव, माडा (MADA), नगर निगम और संबंधित अभियंताओं के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में तत्काल राहत देने के साथ-साथ शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है तथा लंबित योजनाओं में देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
जल संकट से सबसे अधिक प्रभावित केंदुआ और करकेन्द क्षेत्र के लिए बैठक में सबसे बड़ा फैसला नया मोटर स्थापित करने का रहा। विधायक राज सिन्हा ने बताया कि नया मोटर पूरी तरह तैयार है और इसे मंगलवार से चालू कर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार मोटर शुरू होने के बाद जलापूर्ति का प्रेशर बढ़ेगा, जिससे उन इलाकों में भी नियमित पानी पहुंच सकेगा जहां पिछले कई दिनों से बेहद कम दबाव के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा था।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि नए मोटर के संचालन के बाद सुबह और शाम की जलापूर्ति पहले की तुलना में बेहतर होगी तथा टैंकरों पर निर्भरता भी कम होगी।
केंदुआ क्षेत्र में जल संकट का एक बड़ा कारण भू-धंसान भी सामने आया है। जमीन धंसने की वजह से मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे बड़ी मात्रा में पानी रिसाव हो रहा था और कई इलाकों में सप्लाई बाधित हो गई।
समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को ऊपर उठाकर सुरक्षित तरीके से दोबारा स्थापित किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर, तकनीकी टीम और आवश्यक मशीनरी को तत्काल लगाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द जलापूर्ति सामान्य हो सके।
जलापूर्ति व्यवस्था केवल पाइपलाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली की अनियमितता भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई पंपिंग स्टेशनों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही थी।
बैठक में संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया कि नए ट्रांसफार्मर को जल्द चालू किया जाए, जिससे मोटर और पंपिंग स्टेशन बिना रुकावट संचालित हो सकें।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता और बिजली तथा जलापूर्ति विभाग को समन्वय बनाकर काम करना होगा।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव धनबाद की भविष्य की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया। विधायक राज सिन्हा ने बताया कि एलएंडटी द्वारा निर्मित 147 एमएलडी क्षमता वाले नए जल संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 100 एमएलडी सरप्लस पानी उपलब्ध रहता है।
योजना के तहत इस अतिरिक्त पानी को माडा के मौजूदा जल वितरण नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
यदि यह योजना लागू होती है तो धनबाद शहर को प्रतिदिन लगभग 80 से 90 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इससे न केवल केंदुआ और करकेन्द बल्कि शहर के कई अन्य जल संकट प्रभावित क्षेत्रों को भी दीर्घकालिक राहत मिल सकती है।
विधायक ने जानकारी दी कि सरप्लस पानी को माडा नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर जिला प्रशासन, नगर विकास विभाग और पीएचईडी के अधिकारियों के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा की जाएगी।
सभी विभागों की सहमति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना धनबाद की जलापूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकती है।
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक राज सिन्हा ने उन शहरी जलापूर्ति योजनाओं पर भी नाराजगी व्यक्त की जो वर्ष 2022 तक पूरी हो जानी चाहिए थीं, लेकिन 2026 तक भी लंबित हैं।
उन्होंने कार्यदायी एजेंसियों एलएंडटी और श्रीराम ईपीसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित कार्यों की समयबद्ध सूची तैयार कर जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
राज सिन्हा ने बैठक में स्पष्ट किया कि नई टेंडर प्रक्रिया और औपचारिकताओं में समय गंवाने के बजाय फिलहाल उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर लोगों को राहत देना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नया मोटर, पाइपलाइन मरम्मत और ट्रांसफार्मर चालू होने के बाद अगले एक-दो दिनों में जलापूर्ति व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो।
केंदुआ मछली पट्टी और पासी धोड़ा के निवासी पिछले कई दिनों से पानी की कमी से जूझ रहे थे। कई परिवारों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा था, जबकि कुछ इलाकों में निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा था।
अब प्रशासनिक सक्रियता और लिए गए फैसलों के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति बहाल होगी। यदि 100 एमएलडी सरप्लस पानी की योजना को मंजूरी मिलती है, तो धनबाद की पेयजल व्यवस्था को लंबे समय तक स्थायी मजबूती मिल सकती है।