Katras News : कतरास पुलिस ने जीएनएम इंटर कॉलेज में चलाया साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्रों को दिए ऑनलाइन सुरक्षा के अहम टिप्स
Katras News : इंस्टाग्राम पर अनजान लोगों से दोस्ती और वीडियो कॉल से बचने की सलाह, साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 और आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने की अपील
Katras News : धनबाद के कतरास स्थित जीएनएम इंटर कॉलेज में कतरास पुलिस ने साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा, पोक्सो एक्ट और हेल्पलाइन नंबर 1930 व 112 की जानकारी दी। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
धनबाद जिले के कतरास में गुरुवार को कतरास पुलिस द्वारा जीएनएम इंटर कॉलेज में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर चलाया गया, जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके बताए। साथ ही किशोरों से जुड़े कानून पोक्सो एक्ट की भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और सबसे अधिक युवा वर्ग सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी का शिकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- इंस्टाग्राम पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें।
- अज्ञात नंबर से आने वाली वीडियो कॉल स्वीकार न करें।
- किसी भी व्यक्ति के साथ अपना OTP, बैंक संबंधी जानकारी या पासवर्ड साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर निजी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखें।
- किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
प्रवीण कुमार ने कहा कि कई साइबर अपराधी पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती करते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट या अश्लील वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध होता है तो सबसे पहले 1930 नंबर पर तुरंत सूचना दें।
उन्होंने बताया कि समय पर शिकायत करने से कई मामलों में ठगी गई राशि को रोका या रिकवर किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, छेड़छाड़, धमकी या परेशानी होने पर 112 डायल कर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार सक्रिय है और विद्यार्थियों को बिना डर अपनी समस्या साझा करनी चाहिए।
जागरूकता अभियान में छात्र-छात्राओं को पोक्सो (POCSO) एक्ट के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि बच्चों और किशोरों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए यह कानून बनाया गया है।
विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया, स्कूल, सार्वजनिक स्थान या किसी अन्य माध्यम से अनुचित व्यवहार करता है, अश्लील संदेश भेजता है या मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है तो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस या अपने अभिभावकों को करनी चाहिए।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत करने वाले बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और कानून उसके अधिकारों की रक्षा करता है।
कॉलेज की प्राचार्य रेखा कुमारी ने कतरास पुलिस द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अनिवार्य हो गई है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि पुलिस द्वारा दिए गए प्रशिक्षण का शत-प्रतिशत पालन करें, क्योंकि यह केवल परीक्षा या कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले पूरे जीवन में उनकी सुरक्षा के लिए उपयोगी साबित होगा।
प्राचार्य ने कहा कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करना, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देना एक जागरूक नागरिक की पहचान है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन गेमिंग, इंस्टाग्राम फ्रॉड, फर्जी नौकरी के ऑफर, बैंक कॉल और व्हाट्सएप स्कैम जैसे विषयों पर पुलिस अधिकारियों से सवाल भी पूछे।
पुलिस टीम ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार साइबर अपराधी लोगों को लालच, डर या भावनात्मक संबंधों का सहारा लेकर अपने जाल में फंसाते हैं। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापन किए बिना किसी लिंक, ऐप या भुगतान संबंधी अनुरोध पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन, शिक्षक एवं पुलिस विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्राचार्य रेखा कुमारी, शिक्षक बबलू महतो, संकेता कुमारी, नीलू, शांतनु पांडेय, सिराज अहमद, सहायक निरीक्षक मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, पवन तिर्की सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करने वाले युवाओं को साइबर अपराधियों से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।
कतरास पुलिस का यह अभियान केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी इन सावधानियों को अपनाता है तो साइबर अपराध की घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।