Dhanbad News : माटीगढ़ा रुद्र महायज्ञ में पहुंचे मेयर संजीव सिंह, सनातन संस्कृति और पूर्वजों की विरासत पर दिया जोर
Dhanbad News : धनबाद के माटीगढ़ा में आयोजित श्री श्री 108 रुद्र महायज्ञ एवं शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मेयर संजीव सिंह, युवाओं से संस्कृति संरक्षण का किया आह्वान।
Dhanbad News : धनबाद के माटीगढ़ा में आयोजित श्री श्री 108 रुद्र महायज्ञ एवं शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मेयर संजीव सिंह ने भाग लिया। उन्होंने सनातन संस्कृति, पूर्वजों की विरासत और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए युवाओं को सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया।
धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत माटीगढ़ा में आयोजित श्री श्री 108 रुद्र महायज्ञ एवं शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान शिव की आराधना के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।
मेयर के आगमन को लेकर आयोजन समिति और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा गया। इंदिरा चौक पर आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के बाद मेयर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ जुलूस के रूप में यज्ञ स्थल पहुंचे, जहां आयोजन समिति द्वारा उनका अभिनंदन किया गया।
धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम
समारोह को संबोधित करते हुए मेयर संजीव सिंह ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये समाज को जोड़ने और लोगों के बीच भाईचारे को मजबूत करने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की पहचान है और इसकी जड़ें हजारों वर्षों पुरानी हैं।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी यह साबित करती है कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
पूर्वजों की विरासत को संजोने का संदेश
मेयर संजीव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हमें सौंपी है, उसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। जब समाज अपनी परंपराओं और संस्कारों को अपनाता है, तब सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को समझें तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास करें।
सनातन संस्कृति की शक्ति पर दिया जोर
अपने संबोधन में मेयर ने कहा कि सनातन संस्कृति समाज को एक सूत्र में बांधने की शक्ति रखती है। यह संस्कृति केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा विश्व को शांति, सहिष्णुता और मानवता का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि जब समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है, तब देश भी मजबूत होता है। इसलिए ऐसे धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देना और उनमें सहभागिता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
राजनीतिक संदर्भ में भी दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मेयर संजीव सिंह ने राजनीतिक संदर्भ में बिना किसी का नाम लिए कहा कि बाघमारा की जनता अन्याय और अहंकार के खिलाफ हमेशा खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनता के हितों की अनदेखी करने वालों को समय आने पर जवाब मिलता है।
हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके वक्तव्य के बाद उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ उनका समर्थन किया।
आयोजन समिति ने जताया आभार
कार्यक्रम के आयोजक पिंटू महथा ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रुद्र महायज्ञ और शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धार्मिक और सामाजिक एकता बनाए रखें तथा समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं।
क्षेत्र में बना श्रद्धा और उत्साह का माहौल
माटीगढ़ा में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया है। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और जनसहभागिता यह दर्शाती है कि आज भी समाज में धार्मिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था बनी हुई है। आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना का प्रसार हो रहा है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा मिल रही है।