Dhanbad Book Parikrama Bus : पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने पहुंची चलंत लाइब्रेरी, 30 जून तक मिलेगा किताबों से जुड़ने का अवसर
Dhanbad Book Parikrama Bus : शिक्षा मंत्रालय के बिहार-झारखंड पुस्तक परिक्रमा अभियान के तहत धनबाद पहुंची चलंत पुस्तकालय बस, छात्रों, शिक्षकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए सैकड़ों पुस्तकों के साथ विशेष छूट की सुविधा।
Dhanbad Book Parikrama Bus : धनबाद में पुस्तक परिक्रमा बस पहुंची है। शिक्षा मंत्रालय के बिहार-झारखंड पुस्तक परिक्रमा अभियान के तहत 30 जून तक चलने वाली इस मोबाइल लाइब्रेरी में हिंदी, मैथिली और अंग्रेजी की सैकड़ों पुस्तकें उपलब्ध हैं। छात्रों और शिक्षकों को 25% तथा आम पाठकों को 10% तक की छूट दी जा रही है।
डिजिटल युग में जहां मोबाइल और इंटरनेट ने लोगों की पढ़ने की आदतों को काफी हद तक प्रभावित किया है, वहीं किताबों के प्रति रुचि को दोबारा बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित बिहार-झारखंड पुस्तक परिक्रमा अभियान नई उम्मीद लेकर धनबाद पहुंचा है। इस अभियान के तहत चलने वाली चलंत पुस्तकालय (मोबाइल लाइब्रेरी) बस जिले में पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को किताबों की दुनिया से जोड़ने का कार्य कर रही है।
यह पुस्तक परिक्रमा बस 30 जून तक धनबाद जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचेगी। इस दौरान लोग न केवल विभिन्न विषयों की पुस्तकों का निःशुल्क अध्ययन कर सकेंगे, बल्कि अपनी पसंद की पुस्तकें रियायती दरों पर खरीद भी सकेंगे।
पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की अनूठी पहल
शिक्षा मंत्रालय के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को पुस्तकों के प्रति आकर्षित करना है। बदलते समय में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के कारण पुस्तक पढ़ने की आदत लगातार कम होती जा रही है। ऐसे समय में यह अभियान विद्यार्थियों और आम नागरिकों को पुस्तकों के महत्व से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
चलंत पुस्तकालय बस एक ऐसी मोबाइल लाइब्रेरी है, जो अलग-अलग शहरों, कस्बों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचकर लोगों को गुणवत्तापूर्ण साहित्य उपलब्ध कराती है। इससे उन लोगों को भी पुस्तकों तक आसान पहुंच मिलती है, जो नियमित रूप से पुस्तकालय नहीं जा पाते।
हिंदी, मैथिली और अंग्रेजी की सैकड़ों पुस्तकें उपलब्ध
पुस्तक परिक्रमा बस में विभिन्न आयु वर्ग और रुचियों को ध्यान में रखते हुए सैकड़ों पुस्तकें रखी गई हैं। इनमें हिंदी, मैथिली और अंग्रेजी भाषा की पुस्तकें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बस में उपलब्ध पुस्तकों में साहित्य, उपन्यास, कहानी संग्रह, कविता, बाल साहित्य, विज्ञान, इतिहास, भारतीय संस्कृति, व्यक्तित्व विकास, सामान्य ज्ञान, प्रेरणादायक जीवनियां तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।
इस विविध संग्रह के कारण स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा, शिक्षक और सामान्य पाठक सभी अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकें चुन सकते हैं।
निःशुल्क अध्ययन के साथ खरीदने की भी सुविधा
चलंत पुस्तकालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां आने वाले लोग पुस्तकों का निःशुल्क अध्ययन कर सकते हैं। यदि किसी पाठक को कोई पुस्तक पसंद आती है तो उसे खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
पाठकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट भी दी जा रही है। आम नागरिकों को पुस्तकों की खरीद पर 10 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, जबकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को 25 प्रतिशत तक की विशेष रियायत प्रदान की जा रही है। इससे अधिक से अधिक लोग पुस्तकें खरीदने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
डिजिटल दौर में किताबों की ओर लौटने का अवसर
पुस्तक प्रेमियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आज के समय में अधिकांश युवा अपना अधिक समय मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताते हैं। ऐसे में पुस्तक परिक्रमा अभियान उन्हें किताबों की दुनिया से दोबारा जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुस्तकों का अध्ययन न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता, भाषा कौशल और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रकार के अभियान विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने में काफी सहायक सिद्ध होंगे।
सोमवार को एसएसएलएनटी महिला कॉलेज के पास पहुंचेगी बस
अभियान के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को पुस्तक परिक्रमा बस एसएसएलएनटी महिला कॉलेज के समीप पहुंचेगी। यहां छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और पुस्तक प्रेमी इस चलंत पुस्तकालय का लाभ उठा सकेंगे।
आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में भाग लेने और पुस्तकों से जुड़ने की अपील की है। कॉलेज परिसर के आसपास रहने वाले नागरिक भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
शिक्षा और ज्ञान के प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि वे समाज के बौद्धिक विकास की आधारशिला भी हैं। पुस्तक परिक्रमा जैसे अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच ज्ञान की पहुंच का अंतर कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस प्रकार की मोबाइल लाइब्रेरी बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने और समाज में ज्ञान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
पुस्तक प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर
धनबाद में आयोजित यह पुस्तक परिक्रमा अभियान उन सभी लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जो किताबों से प्रेम करते हैं या फिर पढ़ने की आदत को दोबारा विकसित करना चाहते हैं। पुस्तकें केवल परीक्षा की तैयारी का साधन नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली साथी भी होती हैं।
यदि आप भी साहित्य, इतिहास, विज्ञान, प्रेरणादायक पुस्तकों या प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री की तलाश में हैं, तो 30 जून तक चलने वाले इस अभियान का लाभ उठाकर ज्ञान के इस अनूठे सफर का हिस्सा बन सकते हैं।