Prince Khan की कथित धमकी पर सियासी संग्राम, विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुलू महतो समेत दो को किया नामजद
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने गैंगस्टर Prince Khan की कथित धमकी मामले में धनबाद सांसद ढुलू महतो समेत दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है, जबकि मामले ने झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
धनबाद के निरसा में गैंगस्टर Prince Khan की कथित धमकी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुलू महतो समेत दो लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानिए पूरा मामला।
झारखंड के धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र में गैंगस्टर प्रिंस खान की कथित धमकी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मामले ने अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी रूप ले लिया है। शनिवार को निरसा विधायक अरूप चटर्जी अपने समर्थकों के साथ निरसा थाना पहुंचे और पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक ने अपना आवेदन निरसा के एसडीपीओ लिलेश्वर महतो और थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती को सौंपा। शिकायत में गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ धनबाद सांसद ढुलू महतो को भी नामजद किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल किए जाने की बात कही है।
विधायक अरूप चटर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि गैंगस्टर प्रिंस खान और सांसद ढुलू महतो के बीच कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि पुलिस बिना किसी दबाव के जांच करती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
विधायक ने दावा किया कि कुछ कथित व्हाट्सएप चैट की जांच इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है। हालांकि, उन्होंने जिन चैट का जिक्र किया, उनकी आधिकारिक पुष्टि अब तक किसी एजेंसी या पुलिस द्वारा नहीं की गई है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम से कथित धमकी दिए जाने की चर्चाएं सामने आई थीं। इसी घटनाक्रम के बाद यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। अब विधायक द्वारा सांसद का नाम शिकायत में शामिल किए जाने के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद स्थानीय राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि इसमें एक जनप्रतिनिधि द्वारा दूसरे जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
निरसा पुलिस का कहना है कि उन्हें विधायक की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन में लगाए गए सभी आरोपों और प्रस्तुत तथ्यों की जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी तरह साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
सांसद ढुलू महतो की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद समाचार लिखे जाने तक धनबाद सांसद ढुलू महतो की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनके पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।
पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार किसी भी आरोप को तब तक अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, जब तक उसकी निष्पक्ष जांच पूरी न हो जाए या संबंधित पक्ष अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से न रख दे। इसलिए यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
धनबाद और निरसा क्षेत्र में यह मामला राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। विपक्ष और सत्तापक्ष के समर्थकों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि राजनीतिक दलों की ओर से अब तक कोई व्यापक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो इसका असर स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो शिकायत में लगाए गए दावों की भी कानूनी समीक्षा संभव है।
निष्पक्ष जांच पर सभी की नजर
फिलहाल पूरे मामले की दिशा पुलिस जांच पर निर्भर करती है। विधायक द्वारा लगाए गए आरोप, कथित व्हाट्सएप चैट का दावा और सांसद का नाम शिकायत में शामिल किए जाने जैसे बिंदुओं की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ केवल साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, राजनीतिक हलकों और आम लोगों की नजर भी अब इस जांच के परिणाम पर टिकी हुई है।