Dhanbad News : धनबाद के चिरागोड़ा में बहेगी भक्ति की गंगा: 8 जुलाई से शुरू होगा श्रीमद्भागवत सप्ताह, प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव और भव्य भगवती जागरण
Dhanbad News : जागृत मंदिर की तृतीय स्थापना वर्षगांठ पर 8 से 16 जुलाई तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा, श्रीमद्भागवत कथा, प्राण-प्रतिष्ठा, भगवती जागरण और महाभंडारे का आयोजन
Dhanbad News : धनबाद के चिरागोड़ा स्थित जागृत मंदिर में तृतीय स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर 8 से 16 जुलाई 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ, प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव, भव्य भगवती जागरण और महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
धनबाद के चिरागोड़ा स्थित जागृत मंदिर एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। मंदिर की तृतीय स्थापना वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 8 जुलाई 2026 से 16 जुलाई 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ एवं प्राण-प्रतिष्ठा तृतीय वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों, कथा प्रवचन, कलश शोभायात्रा, भगवती जागरण और महाभंडारे सहित कई आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सोमवार को भगवती जागृत मंदिर समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात, साफ-सफाई, सजावट तथा आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।

भव्य कलश शोभायात्रा से होगा शुभारंभ
मंदिर समिति के सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ 8 जुलाई, बुधवार को प्रातः 6:30 बजे मंदिर परिसर से निकाली जाने वाली भव्य कलश शोभायात्रा के साथ होगा। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण करेंगी। धार्मिक ध्वज, बैंड-बाजे, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच निकलने वाली यह यात्रा पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर देगी।
कलश यात्रा के माध्यम से धार्मिक आयोजन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा। समिति को उम्मीद है कि आसपास के कई इलाकों से श्रद्धालु इस शोभायात्रा में शामिल होंगे।
वृंदावन के संत उज्ज्वल शांडिल्य जी महाराज सुनाएंगे श्रीमद्भागवत कथा
कलश यात्रा के बाद दोपहर 3 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर वृंदावन के प्रसिद्ध संत उज्ज्वल शांडिल्य जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का वाचन करेंगे।
यह कथा 8 जुलाई से 14 जुलाई तक प्रतिदिन आयोजित की जाएगी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, धर्म, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मानव जीवन के आदर्श मूल्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, संस्कार और भारतीय संस्कृति के महत्व से भी अवगत कराया जाएगा।
मंदिर समिति का कहना है कि कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसलिए बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
13 से 15 जुलाई तक होगा प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव
समिति के अनुसार 13 जुलाई से 15 जुलाई तक मंदिर में वार्षिकोत्सव एवं प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजा-अर्चना, हवन, यज्ञ और अन्य वैदिक कर्मकांड संपन्न होंगे।
प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उद्देश्य मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आयोजन को संपन्न करना है। इन धार्मिक आयोजनों में विद्वान आचार्य एवं पंडितों की विशेष उपस्थिति रहेगी।
15 जुलाई की रात होगा भव्य भगवती जागरण
पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 15 जुलाई की रात्रि को आयोजित होने वाला भव्य भगवती जागरण होगा। पूर्णाहुति के उपरांत रात्रि 8 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा माता रानी की भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
इसके साथ ही आकर्षक धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और धार्मिक सजावट से भव्य रूप दिया जाएगा। समिति का मानना है कि जागरण में धनबाद सहित आसपास के कई जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचेंगे।
16 जुलाई को महाभंडारे के साथ होगा समापन
धार्मिक आयोजन का समापन 16 जुलाई को होगा। इस दिन शाम 4 बजे पूर्णाहुति के पश्चात विशाल महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा। महाभंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है।
समिति ने भोजन वितरण, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमों का गठन किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
समिति ने श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील
भगवती जागृत मंदिर समिति ने धनबाद, चिरागोड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों से इस पावन धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। समिति का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
समिति ने बताया कि आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी कार्यक्रम धार्मिक परंपराओं एवं वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न होंगे।
भक्ति और उत्साह का माहौल
पूरे चिरागोड़ा क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर उत्साह का वातावरण है। मंदिर परिसर की सजावट, आयोजन की तैयारियां और श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि इस वर्ष का उत्सव पहले की तुलना में अधिक भव्य और यादगार होने वाला है।
धार्मिक आयोजनों के माध्यम से न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होगी, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को भी नई मजबूती मिलेगी। श्रीमद्भागवत कथा, प्राण-प्रतिष्ठा, भगवती जागरण और महाभंडारे जैसे कार्यक्रम निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग देंगे और श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।