Dhanbad News : आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में कौशल विकास: 90 युवाओं को स्किल सर्टिफिकेट, 30 का कैंपस प्लेसमेंट
Dhanbad News : प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत आयोजित सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ सफल, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बढ़ाया महत्वपूर्ण कदम।
Dhanbad News : धनबाद स्थित आईआईटी (आईएसएम) ने कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के खनन अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित सहायक खान सर्वेक्षक (Assistant Mine Surveyor) प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर 90 प्रशिक्षुओं को स्किल सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक खनन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।
आईआईटी (आईएसएम) के i2H भवन स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में संस्थान के उपनिदेशक डॉ. धीरज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रशिक्षुओं, शिक्षकों और संस्थान के अधिकारियों की उपस्थिति रही।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चला प्रशिक्षण
डॉ. धीरज कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के सहयोग से संचालित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग आधारित तकनीकी कौशल भी उतना ही आवश्यक हो गया है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करते हैं।
90 प्रशिक्षुओं में से 30 को मिला कैंपस प्लेसमेंट
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले 90 युवाओं में से 30 प्रतिभागियों का कैंपस प्लेसमेंट भी सफलतापूर्वक हो चुका है। यह दर्शाता है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागियों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी प्रभावी साबित हुआ।
संस्थान के अनुसार, चयनित युवाओं को खनन क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे अन्य युवाओं का भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रति विश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
खनन उद्योग की जरूरतों के अनुरूप दिया गया प्रशिक्षण
सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को खनन सर्वेक्षण, आधुनिक सर्वे उपकरणों का उपयोग, सुरक्षा मानकों, तकनीकी प्रक्रियाओं और व्यावहारिक कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया था कि प्रशिक्षु सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने में सक्षम बन सकें।
विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ फील्ड आधारित प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे युवाओं को वास्तविक कार्य परिस्थितियों की बेहतर समझ विकसित हो सके।
युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव
प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं ने इस कार्यक्रम को अपने करियर के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक तकनीकों और खनन क्षेत्र की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
कई प्रतिभागियों ने बताया कि कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से उन्हें नौकरी मिलने से उनके भविष्य को नई दिशा मिली है। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
कौशल विकास से बढ़ेगा रोजगार का दायरा
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास के साथ प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आईआईटी (आईएसएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं बल्कि देश के औद्योगिक विकास को भी गति मिलती है।
आईआईटी (आईएसएम) की पहल बनी मिसाल
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद लंबे समय से खनन, इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान रहा है। अब संस्थान कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर सामाजिक दायित्व का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहा है।
संस्थान का यह प्रयास न केवल स्थानीय बल्कि देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में संस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद द्वारा आयोजित सहायक खान सर्वेक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम ने यह साबित किया है कि गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। 90 युवाओं को स्किल सर्टिफिकेट और उनमें से 30 का कैंपस प्लेसमेंट इस पहल की सफलता का प्रमाण है। यदि इसी तरह उद्योग आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जाए, तो देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।