Bhaga Railway Station Accident : मालगाड़ी पार करते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आया युवक, गंभीर रूप से झुलसा
Bhaga Railway Station Accident : धनबाद के भागा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी पार करने के दौरान 34 वर्षीय युवक हाईटेंशन ओवरहेड तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। पढ़ें पूरी खबर।
Bhaga Railway Station Accident : धनबाद के भागा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मालगाड़ी को पार करने के प्रयास में एक युवक हाईटेंशन ओवरहेड विद्युत तार की चपेट में आ गया। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों, रेलवे कर्मचारियों और परिजनों की मदद से घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
34 वर्षीय मुकेश कुमार हादसे का शिकार
घायल युवक की पहचान जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के शालीमार निवासी 34 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब भागा रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। इसी दौरान मुकेश कुमार ने जल्दबाजी में मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर उसे पार करने का प्रयास किया।
जैसे ही वह मालगाड़ी की छत पर पहुंचे, ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन ओवरहेड विद्युत लाइन के बेहद करीब आ गए। बिजली के तेज प्रवाह के संपर्क में आते ही जोरदार करंट लगा और वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने शोर मचाया और घायल युवक को बचाने के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों और रेलवे कर्मियों को दी। इसके बाद परिजनों की मदद से मुकेश कुमार को गंभीर अवस्था में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें निगरानी में रखा है। डॉक्टरों के अनुसार युवक शरीर के कई हिस्सों में गंभीर रूप से झुलस गया है और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
भाई ने बताई पूरी घटना
घायल के भाई धनिष कुमार ने बताया कि मुकेश कुमार स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी को पार करने के लिए उसके ऊपर चढ़ गए थे। इसी दौरान उनका शरीर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन ओवरहेड लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए।
उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों को घटना की सूचना मिलते ही वे तुरंत स्टेशन पहुंचे और स्थानीय लोगों की सहायता से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण उनका इलाज शुरू हो सका।
मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं मुकेश कुमार
परिजनों ने बताया कि मुकेश कुमार पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनका इलाज भी चल रहा है। संभवतः इसी कारण उन्होंने जोखिम को समझे बिना मालगाड़ी के ऊपर चढ़ने का प्रयास किया।
परिवार का कहना है कि उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं रहने के कारण वे कई बार असामान्य व्यवहार कर चुके हैं। फिलहाल पूरा परिवार अस्पताल में मौजूद है और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसर में किसी भी परिस्थिति में खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर उसे पार नहीं करना चाहिए। ओवरहेड विद्युत तारों में अत्यधिक वोल्टेज का करंट प्रवाहित होता है, जो बिना सीधे स्पर्श किए भी बेहद नजदीक आने पर जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन के संपर्क में आने से गंभीर जलन, अंग क्षति और कई मामलों में मौके पर ही मौत तक हो सकती है। इसलिए रेलवे बार-बार यात्रियों और आम लोगों से निर्धारित फुटओवर ब्रिज, सबवे या सुरक्षित मार्ग का ही उपयोग करने की अपील करता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
रेलवे स्टेशनों और यार्डों में खड़ी मालगाड़ियों को शॉर्टकट के रूप में पार करने की कोशिश के दौरान पहले भी कई हादसे सामने आ चुके हैं। अधिकांश मामलों में लोग हाईटेंशन तारों की दूरी और खतरे का सही अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता अभियान, चेतावनी बोर्ड और लोगों की सतर्कता ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
लोगों से की गई सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद रेलवे परिसर में मौजूद लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में खड़ी ट्रेन या मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर उसे पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
भागा रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। यदि सुरक्षित मार्ग का उपयोग किया जाए और जल्दबाजी से बचा जाए तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सकता है।