Dhanbad News : टुंडी में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ मोहर्रम, अखाड़ों में लाठी और तलवारबाजी का रोमांच
Dhanbad News : पूर्वी टुंडी के कोपली, गेठीबेड़ा, रामपुर मोड़ और महुआडाबर सहित कई क्षेत्रों में निकला मातमी जुलूस, प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ पर्व।
Dhanbad News : धनबाद के पूर्वी टुंडी प्रखंड में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। विभिन्न अखाड़ा दलों ने मातमी जुलूस निकाला और लाठी-तलवार के पारंपरिक करतब प्रस्तुत किए। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहा।
धनबाद: जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व इस वर्ष पूरी श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम की दसवीं तारीख को विभिन्न गांवों और पंचायतों से निकले मातमी जुलूसों ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक आस्था और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। कोपली, गेठीबेड़ा, रामपुर मोड़, महुआडाबर सहित कई इलाकों में अखाड़ा समितियों ने पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
जुलूस के दौरान अखाड़ा दलों के खिलाड़ियों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए। इन करतबों को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। खिलाड़ियों ने वर्षों पुरानी परंपरा को जीवंत करते हुए अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
पूर्वी टुंडी के कई क्षेत्रों में निकला मातमी जुलूस
मोहर्रम के अवसर पर दोपहर से ही पूर्वी टुंडी के विभिन्न गांवों में मातमी जुलूस निकलना शुरू हो गया था। कोपली, गेठीबेड़ा, रामपुर मोड़, महुआडाबर समेत कई क्षेत्रों से अखाड़ा दल अपने पारंपरिक वेशभूषा और धार्मिक अनुशासन के साथ निर्धारित मार्गों पर निकले। जुलूस में शामिल लोगों ने शांति और अनुशासन का परिचय देते हुए पूरे कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार पूरे कार्यक्रम की निगरानी की।
अखाड़ा दलों के खिलाड़ियों ने दिखाए पारंपरिक युद्ध कौशल
मोहर्रम के जुलूस के समापन के बाद अखाड़ा दलों के खिलाड़ियों ने कई घंटों तक लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ रोमांचक प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की फुर्ती, संतुलन और युद्ध कौशल ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन पारंपरिक खेलों का आनंद लिया। खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के साथ तालमेल और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रशासनिक अधिकारियों को किया गया सम्मानित
मोहर्रम के सफल आयोजन में प्रशासन की सक्रिय भूमिका को देखते हुए अखाड़ा समिति के सदस्यों ने कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
इस दौरान अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल, सर्किल इंस्पेक्टर साजिद हुसैन तथा पूर्वी टुंडी थाना प्रभारी नीतीश कुमार को अखाड़ा समिति की ओर से सम्मानित किया गया। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के सहयोग और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
अधिकारियों ने भी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और भविष्य में भी इसी तरह शांति के साथ सभी पर्व-त्योहार मनाने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
मोहर्रम के आयोजन में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। रामपुर मोड़ अखाड़ा दल के ऐनुल अंसारी, झामुमो नेता अजीत मिश्रा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष गिरी लाल किस्कू, प्रखंड सचिव शत्रुघ्न मंडल सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।
सभी ने अखाड़ा दलों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और क्षेत्र में भाईचारे तथा सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन और जनता के तालमेल से कायम रही शांति
मोहर्रम के दौरान पूरे पूर्वी टुंडी क्षेत्र में प्रशासन और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, वहीं स्थानीय लोगों और अखाड़ा समितियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग किया।
इसी बेहतर तालमेल का परिणाम रहा कि पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। लोगों ने अनुशासन का पालन करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।
भाईचारे और सामाजिक एकता का बना संदेश
मोहर्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का भी प्रतीक बनकर सामने आया। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। इससे यह संदेश गया कि विविधताओं से भरे समाज में आपसी सम्मान और सहयोग के माध्यम से हर पर्व को शांति और सद्भाव के साथ मनाया जा सकता है।
पूर्वी टुंडी में इस वर्ष का मोहर्रम इसी सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बनकर सामने आया। प्रशासन, अखाड़ा समितियों और स्थानीय नागरिकों के सामूहिक प्रयासों ने पूरे आयोजन को सफल, सुरक्षित और यादगार बना दिया।