Giridih News: आवारा कुत्ते के हमले से 4 वर्षीय मासूम गंभीर घायल, चेहरे पर गहरा जख्म, रिम्स रेफर
Giridih News : गिरिडीह के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के जमजोरी गांव में खेल रहे मासूम पर आवारा कुत्ते ने किया हमला, ग्रामीणों ने मुश्किल से बचाई जान, गांव में दहशत का माहौल।
Giridih News: गिरिडीह के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के जमजोरी गांव में आवारा कुत्ते के हमले से चार वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद धनबाद और फिर रिम्स रेफर किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है।
गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जमजोरी गांव में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। गांव में घर के बाहर खेल रहे चार वर्षीय मासूम पर अचानक एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में बच्चे के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों और ग्रामीणों की तत्परता से बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) भेजा गया, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया।
घर के बाहर खेलते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, जमजोरी गांव निवासी चार वर्षीय बच्चा अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और बिना किसी उकसावे के बच्चे पर हमला कर दिया। हमले की रफ्तार इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
कुत्ते ने बच्चे के चेहरे के बाईं ओर गाल के पास दांतों और पंजों से हमला कर दिया, जिससे वहां गहरा जख्म हो गया। अचानक हुए हमले से बच्चा जोर-जोर से रोने और चीखने लगा।
ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद छुड़ाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला करने वाला कुत्ता काफी आक्रामक था और उसने बच्चे को लंबे समय तक नहीं छोड़ा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन घटनास्थल की ओर दौड़े। काफी प्रयास और मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने कुत्ते को वहां से भगाया और बच्चे को उसके चंगुल से बाहर निकाला।
यदि ग्रामीण समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी। बच्चे के चेहरे से काफी खून बह रहा था, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
प्राथमिक उपचार के बाद धनबाद और फिर रिम्स रेफर
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्चे को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन चेहरे पर गहरी चोट और गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) रेफर कर दिया गया।
धनबाद में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की। चेहरे की गंभीर चोट और बेहतर प्लास्टिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चे का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
गांव में फैली दहशत
घटना के बाद जमजोरी गांव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार ये कुत्ते राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों का पीछा करते हैं, जिससे लोग हमेशा भय के माहौल में रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को अब अकेले बाहर खेलने भेजने में भी डर लगने लगा है। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से आवारा कुत्तों के आतंक पर तत्काल नियंत्रण की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की पहचान, पकड़ने और उनके उचित प्रबंधन की व्यवस्था करे। साथ ही ऐसे इलाकों में नियमित निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चे अक्सर खेलते समय आवारा जानवरों के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे हमले का खतरा बढ़ जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि छोटे बच्चों को अकेले बाहर खेलने न भेजें और यदि आसपास आवारा कुत्ते दिखाई दें तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले या नोच दे तो घाव को तुरंत साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन और चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर उपचार गंभीर संक्रमण और रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ग्रामीणों की उम्मीद प्रशासन से
जमजोरी गांव की इस घटना ने एक बार फिर आवारा कुत्तों की समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम को इस तरह की दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े। फिलहाल पूरे गांव की नजरें घायल बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।