Dhanbad News : निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर पर श्रेय की सियासत: अशोक मंडल ने विधायक अरूप चटर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
Dhanbad News : मुगमा में आयोजित प्रेसवार्ता में यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के नेता अशोक मंडल ने फ्लाईओवर निर्माण का श्रेय भाजपा को बताया। साथ ही उन्होंने विधायक अरूप चटर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विधायक की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई।
Dhanbad News : धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विकास कार्यों के श्रेय को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के नेता अशोक मंडल ने मुगमा में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कई राजनीतिक बयान दिए, जिसके बाद स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
अशोक मंडल ने दावा किया कि निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना की आधारशिला भाजपा सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को मंजूरी दिलाने और इसे आगे बढ़ाने में तत्कालीन सांसद पी.एन. सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनका कहना था कि वर्तमान में भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा सांसद ढुल्लू महतो कर रहे हैं, इसलिए फ्लाईओवर निर्माण का श्रेय भाजपा को ही मिलना चाहिए।
फ्लाईओवर को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
अशोक मंडल ने कहा कि बड़े विकास कार्य किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं बल्कि लंबे समय तक की गई राजनीतिक और प्रशासनिक प्रक्रिया का परिणाम होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जब फ्लाईओवर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है तो कुछ लोग इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस परियोजना की शुरुआत कब हुई, किस सरकार के दौरान इसे स्वीकृति मिली और किन जनप्रतिनिधियों ने इसे आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। उनके अनुसार विकास कार्यों का श्रेय वास्तविक योगदान के आधार पर तय होना चाहिए, न कि केवल वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार।
विधायक अरूप चटर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेसवार्ता के दौरान अशोक मंडल ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक क्षेत्र में कोयला चोरी, रंगदारी और विभिन्न विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने जैसे मामलों से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि विधायक का नाम पूर्व में कुछ चर्चित मामलों में भी सामने आया था।
अशोक मंडल ने कहा कि विधायक को इन सभी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए ताकि क्षेत्र की जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है और जनता के सामने सभी तथ्यों को रखना चाहिए।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन दावों की पुष्टि किसी सक्षम जांच एजेंसी या न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल अशोक मंडल के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।
वहीं, खबर लिखे जाने तक विधायक अरूप चटर्जी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि भविष्य में उनकी ओर से कोई बयान या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
फ्लाईओवर परियोजना का क्षेत्रीय महत्व
निरसा क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड फ्लाईओवर को स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्र में यातायात जाम, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि फ्लाईओवर बनने के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक राहत मिलेगी।
व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से यातायात सुगम होगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। यही कारण है कि परियोजना को लेकर राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी भूमिका को प्रमुखता से सामने रख रहे हैं।
श्रेय की राजनीति बनी चर्चा का विषय
झारखंड की राजनीति में अक्सर बड़े विकास कार्यों को लेकर श्रेय लेने की होड़ देखने को मिलती रही है। सड़क, पुल, रेलवे और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं के उद्घाटन अथवा निर्माण के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल अपने योगदान को प्रमुखता से बताते हैं। निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर का मामला भी अब इसी श्रेय की राजनीति का नया उदाहरण बनता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है। विशेषकर यदि दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयानबाजी जारी रहती है तो यह आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
जनता विकास कार्यों के शीघ्र पूरा होने की कर रही उम्मीद
जहां राजनीतिक दल फ्लाईओवर के श्रेय को लेकर आमने-सामने हैं, वहीं स्थानीय लोगों की प्राथमिकता परियोजना का जल्द पूरा होना है। नागरिकों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक विवाद से अधिक बेहतर सड़क, सुगम यातायात और सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता है।
फिलहाल निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में विधायक अरूप चटर्जी की प्रतिक्रिया और अन्य राजनीतिक दलों के बयान इस विवाद को नया मोड़ दे सकते हैं। वहीं जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर परियोजना निर्धारित समय में पूरी होकर लोगों को राहत कब तक प्रदान करती है।