Dhanbad News : धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग तेज, संसदीय समिति की बैठक में उठे नई ट्रेनें, परियोजनाएं और यात्री सुविधाओं के मुद्दे
Dhanbad News : धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में सांसदों ने रेलवे जोन, नई ट्रेनों, मार्ग विस्तार, ठहराव और लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर रखीं अहम मांगें, रेलवे अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई का दिया भरोसा।
Dhanbad News : धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग जोरदार तरीके से उठी। सांसदों ने नई ट्रेनें, मार्ग विस्तार, यात्री सुविधाएं और लंबित रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
धनबाद में आयोजित धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक एक बार फिर क्षेत्र के रेल विकास को लेकर महत्वपूर्ण साबित हुई। डीआरएम कार्यालय में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के सांसदों ने रेलवे से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक की अध्यक्षता पलामू सांसद वीडी राम ने की, जबकि धनबाद, गिरिडीह और चतरा लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की रेल परियोजनाओं, नई ट्रेनों, यात्री सुविधाओं और अधूरी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक का सबसे प्रमुख मुद्दा धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा देने की मांग रहा। धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने इस मांग को मजबूती से रखते हुए कहा कि धनबाद रेल मंडल देश के सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले मंडलों में शामिल है। इसके साथ ही यह देश में सबसे अधिक कोयला लदान करने वाले रेल मंडलों में भी अग्रणी है। ऐसे में धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा मिलना पूरी तरह न्यायसंगत होगा। उनका कहना था कि रेलवे के राजस्व में धनबाद का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां अलग रेलवे जोन बनने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
नई ट्रेनों और मार्ग विस्तार की भी उठी मांग
बैठक के दौरान सांसद ढुल्लू महतो ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई ट्रेनों की मांग भी रखी। उन्होंने जम्मू जाने वाली ट्रेन का विस्तार कटरा तक करने की मांग की ताकि माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को सीधी रेल सुविधा मिल सके। इसके अलावा गंगा-दामोदर एक्सप्रेस को बक्सर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा गया।
उन्होंने धनबाद और बक्सर के बीच नई ट्रेन शुरू करने की आवश्यकता भी बताई। सांसद का कहना था कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के लिए बिहार और झारखंड के बीच यात्रा करते हैं। ऐसे में नई ट्रेन शुरू होने से हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा वर्तमान में चलाई जा रही कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की भी मांग बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
अन्य सांसदों ने भी रखीं क्षेत्रीय मांगें
बैठक में पलामू सांसद वीडी राम ने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े रेल विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए नई रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की जरूरत बताई। उन्होंने कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों के विकास और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने भी अपने क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत करने, नई ट्रेनों के परिचालन और प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल सुविधा मिलने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।
वहीं गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से जुड़े रेल मार्गों, नई ट्रेनों, स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं और लंबित परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिनका समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है।
यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर
बैठक में केवल नई ट्रेनों या रेलवे जोन की मांग ही नहीं उठी, बल्कि यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। सांसदों ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रतीक्षालय, पार्किंग, दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था, सुरक्षा और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई।
इसके अलावा कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी गई ताकि स्थानीय लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। सांसदों ने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी बेहतर रेल सुविधाएं मिलनी चाहिए।
लंबित रेल परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान धनबाद मंडल में चल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। रेलवे अधिकारियों ने सांसदों को परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, तकनीकी स्वीकृति और बजट जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया।
सांसदों ने अधिकारियों से परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की अपेक्षा जताई। उनका कहना था कि लंबे समय तक परियोजनाएं अधूरी रहने से जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता और विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
बैठक में मौजूद रेलवे अधिकारियों ने सांसदों द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों और मांगों को रेलवे के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन मामलों में रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय की स्वीकृति आवश्यक होगी, उन्हें नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही लंबित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा जारी रखने की बात भी कही गई।
रेलवे जोन की मांग क्यों मानी जा रही महत्वपूर्ण?
धनबाद देश के प्रमुख औद्योगिक और कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन पूरे देश के विभिन्न बिजलीघरों और उद्योगों तक किया जाता है। यही कारण है कि धनबाद रेल मंडल भारतीय रेलवे के लिए राजस्व अर्जित करने वाले प्रमुख मंडलों में गिना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा मिलता है तो प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज होगी। इससे नई परियोजनाओं की स्वीकृति, रेल नेटवर्क के विस्तार, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार को गति मिल सकती है। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना बढ़ेगी।
अब रेलवे बोर्ड और मंत्रालय के फैसले पर नजर
संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्र से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण रेल मुद्दों को सामने रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के स्तर पर लिया जाएगा।
अब धनबाद, गिरिडीह, चतरा और पलामू सहित पूरे क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रेलवे बोर्ड इन प्रस्तावों पर कितना गंभीरता से विचार करता है और कब तक इन्हें अमल में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं। यदि इन मांगों को स्वीकृति मिलती है तो झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क, यात्री सुविधाओं और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सकती है।