Dhanbad News : एक करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा धनबाद से गिरफ्तार, आईबी-सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता
Dhanbad News : महीनों की गुप्त रणनीति के बाद बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई, दो सहयोगी भी गिरफ्तार, हथियार और वाहन जब्त, पूछताछ जारी।
Dhanbad News : धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को आईबी, सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। उसके दो सहयोगियों को भी पकड़ा गया है। हथियार और वाहन जब्त कर पूछताछ जारी है।
Dhanbad News : झारखंड, बिहार और ओडिशा समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में लंबे समय से सक्रिय और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य एवं एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया है। धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो), सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में यह बड़ी सफलता मिली। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में नक्सल विरोधी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के दौरान मिसिर बेसरा के साथ उसके दो सहयोगी मेहनत उर्फ मोच्छु और गौरव भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। सुरक्षा एजेंसियों ने तीनों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे वाहन संख्या JH-10 BH-1056 से यात्रा कर रहे थे। पहले से मिली खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी कर रखी थी और जैसे ही वाहन वहां पहुंचा, संयुक्त टीम ने बिना किसी बड़े प्रतिरोध के तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
महीनों की गुप्त योजना के बाद मिली सफलता
सूत्रों के अनुसार इस ऑपरेशन की तैयारी कई महीनों से चल रही थी। आईबी, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस लगातार मिसिर बेसरा की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी आवाजाही, संपर्क सूत्रों और संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी की जा रही थी। पूरी कार्रवाई को अत्यंत गोपनीय रखा गया ताकि अभियान की जानकारी किसी भी स्तर पर लीक न हो सके।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने आधुनिक तकनीक, मानव खुफिया तंत्र और स्थानीय सूचनाओं का समन्वय कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। लंबे समय तक निगरानी के बाद जब यह पुष्टि हुई कि मिसिर बेसरा धनबाद क्षेत्र से गुजरने वाला है, तब संयुक्त टीम ने पूरी रणनीति के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया।
हथियार और वाहन जब्त
गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और उनके उपयोग में लिया जा रहा वाहन भी जब्त कर लिया। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका उपयोग किन-किन घटनाओं में किया गया था। फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ हथियारों के स्रोत और नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वाहन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था और इसके माध्यम से माओवादी संगठन की गतिविधियों को किस प्रकार संचालित किया जा रहा था।
गहन पूछताछ में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से माओवादी संगठन के कई सक्रिय नेटवर्क, वित्तीय स्रोत, हथियारों की आपूर्ति, नए कैडरों की भर्ती और संगठन के भविष्य की योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जानने का प्रयास कर रही हैं कि झारखंड, बिहार और ओडिशा में सक्रिय अन्य माओवादी नेताओं और उनके सहयोगियों से मिसिर बेसरा का संपर्क किस स्तर तक था। इसके अलावा कई पुराने मामलों और लंबित वारदातों के संबंध में भी उससे पूछताछ की जा रही है।
झारखंड में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि आईबी, सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिसिर बेसरा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सुरक्षा एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस गिरफ्तारी से झारखंड में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
कई राज्यों में सक्रिय था नेटवर्क
मिसिर बेसरा का नाम लंबे समय से झारखंड, बिहार और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल था और कई महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों में उसकी भूमिका मानी जाती थी। उस पर कई गंभीर मामलों में आरोप दर्ज हैं और लंबे समय से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
उसकी गिरफ्तारी को केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत में नक्सल विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व के एक प्रमुख सदस्य की गिरफ्तारी से माओवादी नेटवर्क की कार्यप्रणाली और भविष्य की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
संयुक्त अभियान बना सफलता की मिसाल
इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर बड़े से बड़े अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है। आईबी, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के बीच महीनों तक चले समन्वय और रणनीतिक योजना के बाद यह कार्रवाई सफल हुई।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संयुक्त अभियान भविष्य में भी नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही जब्त हथियारों, वाहन और अन्य बरामद सामग्रियों की विस्तृत जांच की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से आगे भी अभियान जारी रखेंगी।