Dhanbad News : 2.20 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत पांच आरोपी कड़ी सुरक्षा में धनबाद लाए गए, मेडिकल जांच के बाद भेजे गए जेल
Dhanbad News : ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ में बड़ी सफलता के बाद रांची से धनबाद लाए गए भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता समेत पांचों आरोपियों को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
Dhanbad News : ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ के तहत गिरफ्तार 2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा समेत पांच नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा में धनबाद लाया गया। मेडिकल जांच के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया गया। पढ़ें पूरी खबर।
Dhanbad News : झारखंड पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के तहत गिरफ्तार किए गए भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत पांचों आरोपियों को बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रांची से धनबाद लाया गया। धनबाद पहुंचने के बाद सभी आरोपियों का सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में धनबाद मंडल कारा (जेल) भेज दिया गया।
इस दौरान पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। अस्पताल परिसर से लेकर जेल तक पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
झारखंड पुलिस के लिए ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने मंगलवार को बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जंगली इलाके से कई बड़े माओवादी नेताओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल शामिल हैं, जिन पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उनके साथ 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण, गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरम तथा उनके दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही खुफिया निगरानी और रणनीतिक योजना का परिणाम है। गिरफ्तार सभी आरोपी माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं।
पहले रांची ले जाए गए, फिर धनबाद किया गया शिफ्ट
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को पहले रांची स्थित पुलिस मुख्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। बुधवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा तथा धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे ऑपरेशन की जानकारी साझा की।
प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धियों में से एक है और इससे नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। इसके बाद सभी आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे में धनबाद रवाना किया गया।
धनबाद पहुंचते ही अस्पताल परिसर बना पुलिस छावनी
धनबाद पहुंचने के बाद बरवाअड्डा थाना पुलिस सभी गिरफ्तार नक्सलियों को सीधे सदर अस्पताल लेकर पहुंची। इस दौरान अस्पताल परिसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
कैदी वाहन के आगे और पीछे सुरक्षा बलों की कई गाड़ियां चल रही थीं। अस्पताल परिसर में दर्जनों पुलिसकर्मी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और सशस्त्र जवान तैनात किए गए थे। आम लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।
पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
चेहरे ढके रखे गए, तस्वीर लेने पर भी रही रोक
मेडिकल जांच के दौरान सभी आरोपियों के चेहरे नकाब से पूरी तरह ढके हुए थे। सुरक्षा कारणों से मीडिया और अन्य लोगों को उनकी तस्वीरें लेने की अनुमति नहीं दी गई।
डॉक्टरों की टीम ने एक-एक कर सभी आरोपियों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूरी कीं। मेडिकल रिपोर्ट तैयार होने के बाद पुलिस ने उन्हें पुनः सुरक्षा घेरे में लेकर न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप जेल भेज दिया।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी आरोपी
मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच धनबाद जेल पहुंचाया। जेल परिसर में भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार नक्सलियों से जुड़े नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, संगठन की गतिविधियों और अन्य सहयोगियों के संबंध में भी विस्तृत जांच करेंगी।
पूरे ऑपरेशन की वरिष्ठ अधिकारियों ने की निगरानी
पूरे अभियान के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। रांची से धनबाद तक आरोपियों के सुरक्षित स्थानांतरण के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मार्ग में कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अस्पताल और जेल परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
नक्सल विरोधी अभियान को मिली नई मजबूती
झारखंड में लंबे समय से सक्रिय नक्सली नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियानों के बीच यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संगठन के शीर्ष स्तर के नेताओं की गिरफ्तारी से माओवादी गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और संगठन से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।