Dhanbad News : धनबाद के बैंक मोड़ स्थित शांति भवन में बिजली मीटर में भीषण आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
Dhanbad News : धनबाद के बैंक मोड़ स्थित शांति भवन में बिजली मीटर में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। जेनरेटर रूम तक आग पहुंचने से पहले स्थिति नियंत्रित कर ली गई और बड़ा हादसा टल गया।
Dhanbad News : धनबाद के व्यस्त बैंक मोड़ इलाके में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शांति भवन के बिजली मीटर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते मीटर से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे पूरे भवन में दहशत फैल गई। फ्लैटों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर घबरा गए और आनन-फानन में भवन से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
बैंक मोड़ धनबाद का सबसे व्यस्त व्यावसायिक और आवासीय इलाका माना जाता है। यहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे इलाके में आग लगने की घटना ने आसपास के लोगों में भी भय का माहौल पैदा कर दिया। आग लगते ही भवन के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग अपने परिवार और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए, जबकि कुछ स्थानीय लोग आग बुझाने के प्रयास में दमकल कर्मियों की सहायता करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली मीटर से पहले धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में चिंगारियां निकलने लगीं। इसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। भवन में मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। दमकल कर्मियों ने बेहद सावधानी के साथ बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
इस घटना की सबसे राहत भरी बात यह रही कि आग शांति भवन में स्थित जेनरेटर रूम तक नहीं पहुंच सकी। जेनरेटर रूम बिजली मीटर के बिल्कुल समीप स्थित था। यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो जेनरेटर में मौजूद डीजल और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण बड़ा विस्फोट हो सकता था। ऐसी स्थिति में आसपास की कई इमारतें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं और जनहानि की आशंका कई गुना बढ़ जाती। दमकल विभाग की तत्परता ने इस संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया।
आग बुझाने के दौरान स्थानीय लोगों ने भी उल्लेखनीय सहयोग किया। शांति भवन के समीप स्थित मधुलिका इंक्लेव के निवासियों ने अपने परिसर में उपलब्ध फायर सेफ्टी उपकरण और अग्निशमन यंत्र तत्काल मौके पर पहुंचाए। इन उपकरणों की मदद से शुरुआती स्तर पर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
घटना के बाद शांति भवन में रहने वाले लोगों ने बिल्डिंग प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भवन में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है। निवासियों का कहना है कि बिल्डिंग में अग्निशमन यंत्र पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं और जो सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए, वे भी पूरी तरह से नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि आसपास के लोगों और दमकल विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बहुमंजिला इमारतों में नियमित रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाना चाहिए। इसके अलावा भवन में लगे बिजली मीटर, वायरिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच भी जरूरी है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने बिजली मीटर, ओवरलोडिंग और खराब वायरिंग के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो आग लगने का प्रमुख कारण बनती हैं।
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि संबंधित विभाग द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के दौरान कुछ समय के लिए इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने प्रभावित क्षेत्र की बिजली काट दी थी, ताकि आग बुझाने के दौरान कोई अतिरिक्त खतरा उत्पन्न न हो। बाद में स्थिति सामान्य होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी इमारत में आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं और बिना देर किए अग्निशमन विभाग को सूचना दें। साथ ही यदि भवन में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हों और आग प्रारंभिक अवस्था में हो, तभी प्रशिक्षित व्यक्ति उसकी मदद से आग बुझाने का प्रयास करें। बड़ी आग लगने की स्थिति में स्वयं जोखिम उठाने के बजाय विशेषज्ञों की सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर की बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन कितनी गंभीरता से किया जा रहा है। यदि भवनों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो इस तरह की घटनाओं में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि इस आगजनी की घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई, स्थानीय लोगों की सूझबूझ और समय पर किए गए प्रयासों के कारण आग को जेनरेटर रूम तक पहुंचने से पहले ही बुझा दिया गया। इससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया और पूरे इलाके ने राहत की सांस ली। अब स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि शांति भवन सहित शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।