Dhanbad News : महुदा में कथित अवैध बालू उठाव के दौरान बड़ा हादसा, ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत, मामले को दबाने की चर्चा
Dhanbad News : धनबाद के महुदा थाना क्षेत्र स्थित जमुनिया नदी में कथित अवैध बालू उठाव के दौरान बालू लदा ट्रैक्टर पलटने से चालक भीखू सहीस की मौत हो गई। घटना के बाद मामले को दबाने और शव हटाने की चर्चा है। पुलिस ने जांच शुरू करने की बात कही है।
Dhanbad News : धनबाद जिले के बाघमारा अनुमंडल अंतर्गत महुदा थाना क्षेत्र में कथित अवैध बालू उठाव के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। अंधारी स्थित जमुनिया नदी से बालू लोड कर लौट रहे एक ट्रैक्टर के पलट जाने से चालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब ट्रैक्टर में क्षमता से अधिक बालू लदा हुआ था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की जांच में जुटने की बात कह रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान भीखू सहीस के रूप में हुई है। वह बोकारो जिले के दलटांड़ गांव का निवासी बताया जा रहा है। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर पलटते ही चालक उसके नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि कथित बालू कारोबार से जुड़े कुछ लोगों ने मामले को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि हादसे के बाद शव को तत्काल घटनास्थल से हटाकर तेलमोचो मुख्य मार्ग स्थित एक होटल के समीप पहुंचा दिया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मृतक के परिजनों पर किसी प्रकार का हंगामा या शिकायत दर्ज नहीं कराने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इधर, जब पूरे मामले को लेकर महुदा थाना पुलिस से संपर्क किया गया तो पुलिस ने कहा कि घटना की आधिकारिक सूचना अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमुनिया नदी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से बालू उठाव को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है। समय-समय पर कथित अवैध खनन और बालू परिवहन के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने की आशंका भी जताई जाती रही है। यदि ट्रैक्टर में निर्धारित क्षमता से अधिक बालू लादा गया था या सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था, तो यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
जानकारों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल हादसे की जांच ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि ट्रैक्टर किसकी निगरानी में संचालित हो रहा था, बालू उठाव के लिए वैध अनुमति थी या नहीं, और यदि कथित अवैध खनन हो रहा था तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका क्या थी। इससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिल सकती है।
मृतक के परिवार पर इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार भीखू सहीस अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए ट्रैक्टर चलाने का काम करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच के दौरान दुर्घटना के वास्तविक कारण, ट्रैक्टर की स्थिति, बालू परिवहन की वैधता और घटना के बाद की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि यदि किसी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध बालू उठाव की गतिविधियां चल रही हैं तो उन पर प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है। साथ ही, दुर्घटना के बाद मामले को दबाने जैसी चर्चाएं भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना देती हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।