Dhanbad NEET Protest : नीट पेपर लीक पर धनबाद में यूथ कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन, इस्तीफे की मांग तेज
Dhanbad NEET Protest : रणधीर वर्मा चौक पर यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप; केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
Dhanbad NEET Protest : धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर यूथ कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई।
देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच झारखंड के धनबाद में भी यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। रणधीर वर्मा चौक पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “नीट परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का विश्वास डगमगा दिया है।
रणधीर वर्मा चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर यूथ कांग्रेस के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो यह केवल छात्रों के साथ अन्याय नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने कहा कि उनकी संगठन की सबसे प्रमुख और स्पष्ट मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है। उनका कहना था कि जब देशभर के लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं, तब जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य, उनके सपनों और वर्षों की मेहनत से जुड़ी होती है। यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है जिन्होंने ईमानदारी और मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करने का प्रयास किया है।
यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते पारदर्शी और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक प्रभावित हो सकती है।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल बयान देने से छात्रों का विश्वास वापस नहीं आएगा। इसके लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना होगा।
सोनम वांगचुक के अनशन पर भी दिया बयान
प्रदर्शन के दौरान जब मीडिया ने जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने को लेकर सवाल पूछा, तब यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के मुद्दों को अलग तरीके से लगातार उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखना है।
देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
नीट परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर लगातार बहस जारी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा संचालन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। तकनीकी सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार जैसे विषय लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ी बहस
धनबाद में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि नीट पेपर लीक का मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का भी प्रमुख विषय बन चुका है। विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार छात्रों के हितों की रक्षा और जवाबदेही तय करने की मांग उठाई जा रही है।
यूथ कांग्रेस का कहना है कि जब तक इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार नहीं किए जाते, तब तक उनका लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।