Dhanbad News : दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम ने नीट में मारी बाजी, डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार
Dhanbad News : धनबाद की भूदा बस्ती की रहने वाली पूनम कुमारी ने आर्थिक तंगी के बावजूद नीट परीक्षा में 582 अंक और 99.1375 परसेंटाइल हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया। जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शिक्षा नीति के तहत उनकी मेडिकल शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है।
Dhanbad News : धनबाद की दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम कुमारी ने नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर संघर्ष और मेहनत की नई मिसाल कायम की है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से पढ़ाई करने वाली पूनम अब डॉक्टर बनने का सपना साकार करेंगी। जिला प्रशासन उनकी मेडिकल शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगा।
कहते हैं कि सफलता केवल संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मजबूत इरादे, कठिन परिश्रम और सही मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति को मंजिल तक पहुंचा सकते हैं। धनबाद की भूदा बस्ती की रहने वाली पूनम कुमारी ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। आर्थिक रूप से बेहद साधारण परिवार से आने वाली पूनम ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे धनबाद और झारखंड का नाम भी रोशन कर दिया।
पूनम कुमारी ने नीट परीक्षा में 582 अंक, 99.1375 परसेंटाइल तथा ऑल इंडिया रैंक 16,972 हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

दिहाड़ी मजदूर के घर से निकली सफलता की मिसाल
पूनम के पिता धरमू गोराई दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार की आजीविका रोज की मजदूरी पर निर्भर करती है। उनकी माता पीपू देवी गृहिणी हैं। सीमित आय के कारण परिवार के सामने हमेशा आर्थिक चुनौतियां रहीं, लेकिन माता-पिता ने अपनी बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। पूनम ने भी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और स्वयं का आत्मविश्वास साथ हो तो आर्थिक अभाव भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकता।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस ने बदली जिंदगी
पूनम ने अपनी पढ़ाई एसएसएलएनटी सीएम उत्कृष्ट गर्ल्स विद्यालय (CM School of Excellence) से पूरी की। यहीं से उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और सीबीएसई पैटर्न पर अध्ययन का अवसर मिला।
इससे पहले भी पूनम ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और धनबाद जिला टॉपर बनी थीं। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय किया और नीट परीक्षा की तैयारी में पूरी मेहनत के साथ जुट गईं।
उनकी मेहनत का परिणाम आज पूरे राज्य के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
उपायुक्त ने किया सम्मानित, पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगा जिला प्रशासन
नीट में शानदार सफलता के बाद धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में पूनम कुमारी को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूनम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन पूनम की मेडिकल कॉलेज में प्रवेश से लेकर डॉक्टर बनने तक की पूरी पढ़ाई का खर्च वहन करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी सरकारी विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र-छात्रा की शिक्षा बीच में न रुके।
यह घोषणा उन विद्यार्थियों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक परेशानियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
कार्डियोलॉजिस्ट बनकर करना चाहती हैं लोगों की सेवा
पूनम कुमारी का सपना केवल डॉक्टर बनना नहीं है, बल्कि वह भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट बनकर हृदय रोगियों की सेवा करना चाहती हैं। उनका कहना है कि समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनका जीवन लक्ष्य है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया। पूनम का मानना है कि यदि उन्हें सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसी सुविधा नहीं मिलती तो शायद उनके लिए इस मुकाम तक पहुंचना इतना आसान नहीं होता।
मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद
अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए पूनम ने कहा कि उनके पिता की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। ऐसे में उन्होंने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नामांकन लिया, जहां उन्हें बेहतर शिक्षकों का मार्गदर्शन, सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई और आधुनिक सुविधाएं मिलीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल ने उनके जैसे हजारों गरीब बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
पूनम ने कहा कि यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी बच्चों तक पहुंचे तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
गरीब विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण
झारखंड सरकार द्वारा संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित शिक्षक, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था और सीबीएसई आधारित पाठ्यक्रम ने इस योजना को नई पहचान दिलाई है।
पूनम की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए तो वहां पढ़ने वाले छात्र भी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में बदलती तस्वीर
राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य केवल विद्यालयों का विकास करना नहीं है, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना भी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसी पहल ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल रही है। इससे उन परिवारों में भी उम्मीद जगी है, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों को महंगे निजी विद्यालयों में पढ़ाने में सक्षम नहीं थे।
संघर्ष, मेहनत और शिक्षा की ताकत बनी पूनम की पहचान
पूनम कुमारी की सफलता केवल एक छात्रा की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह इस बात का संदेश भी है कि सही अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी परिस्थिति से ऊपर उठ सकती है। एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी का डॉक्टर बनने की दिशा में बढ़ाया गया यह कदम हजारों युवाओं को प्रेरित करेगा।
धनबाद की इस बेटी ने साबित कर दिया है कि सपने बड़े हों, मेहनत सच्ची हो और मार्गदर्शन सही मिले तो सफलता निश्चित है। आने वाले समय में पूनम न केवल एक सफल डॉक्टर बनेंगी, बल्कि उन लाखों विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने भविष्य को संवारने का सपना देख रहे हैं।