Dhanbad News : BBMKU में AISA का हंगामा: प्रशासनिक भवन में जड़ा ताला, कुलपति समेत अधिकारी गेट पर रुके; LLM, सेंट्रल लाइब्रेरी और लैब की मांग तेज
Dhanbad News : धनबाद स्थित BBMKU में छात्र संगठन AISA का प्रदर्शन, छात्र हितों से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन की तालाबंदी; कुलपति बोले- मांगों पर प्रक्रिया जारी, AISA ने आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी।
Dhanbad News : धनबाद के BBMKU में AISA कार्यकर्ताओं ने LLM की पढ़ाई, सेंट्रल लाइब्रेरी और आधुनिक लैब की मांग को लेकर प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी। कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह ने कहा कि मांगों पर प्रक्रिया जारी है, जबकि AISA ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
Dhanbad News : धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) सोमवार को उस समय छात्र आंदोलन का केंद्र बन गया, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो गया और कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के बाहर ही रुक गए।
छात्र संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से छात्र हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी कर रहा है। संगठन ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन, प्रशासनिक भवन पर लगाया ताला
सोमवार सुबह AISA के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्र लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
तालाबंदी के कारण विश्वविद्यालय के कई प्रशासनिक कार्य बाधित हो गए। अधिकारी और कर्मचारी भवन के भीतर प्रवेश नहीं कर सके। कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह भी प्रशासनिक भवन के बाहर ही रुक गए। कुछ समय तक अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच बातचीत का प्रयास भी हुआ, लेकिन तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
AISA ने प्रदर्शन के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लंबे समय से आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं।
छात्र संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- विश्वविद्यालय में LLM (मास्टर ऑफ लॉ) की पढ़ाई जल्द शुरू की जाए।
- सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना की जाए ताकि सभी छात्रों को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो सकें।
- विश्वविद्यालय को मिले 77 करोड़ रुपये के फंड का उपयोग आधुनिक लैब, शोध सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाए।
- छात्रों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
- लंबित विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
छात्र नेताओं का कहना है कि इन मांगों का संबंध सीधे छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से है।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप
AISA के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई बार आश्वासन देने के बावजूद छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं की। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कई योजनाएं वर्षों से केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय को पर्याप्त संसाधन मिलने के बावजूद उनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं का विकास अपेक्षित गति से नहीं किया गया।
कुलपति ने कहा— मांगों पर लगातार चल रही है प्रक्रिया
प्रदर्शन के बीच कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह ने छात्रों की मांगों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हितों के प्रति गंभीर है और कई मांगों पर पहले से काम किया जा रहा है।
कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय में LLM की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा ए.के. राय के नाम पर लाइब्रेरी सहित अन्य प्रस्तावों पर भी प्रशासन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की विकास योजनाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही हैं और छात्र हित में आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है, इसलिए कुछ कार्यों में समय लग सकता है।
AISA ने उठाए कुलपति के कार्यकाल पर सवाल
AISA के प्रदेश सचिव रितेश मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुलपति का लगभग तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद छात्र हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय को करोड़ों रुपये का फंड उपलब्ध है तो उसका उपयोग छात्रों के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने में होना चाहिए। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं किए गए, जिसके कारण छात्रों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
रितेश मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और तालाबंदी जारी रहेगी।
प्रशासनिक कार्य रहे प्रभावित
तालाबंदी के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ा। कई अधिकारी और कर्मचारी भवन के बाहर ही इंतजार करते रहे। छात्रों के प्रदर्शन के कारण सामान्य कार्यालयीन गतिविधियां प्रभावित रहीं।
हालांकि परिसर में स्थिति नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन के दौरान छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, जबकि प्रशासन भी बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करता रहा।
छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय प्रशासन आमने-सामने
BBMKU में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर विश्वविद्यालयों में छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच बढ़ते टकराव की ओर संकेत करता है। छात्र संगठन जहां बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और संसाधनों की मांग कर रहे हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कई योजनाओं पर पहले से काम चल रहा है और प्रक्रियाओं के तहत उन्हें पूरा किया जाएगा।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठन के बीच वार्ता कब होती है और क्या छात्रों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है। फिलहाल AISA ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।