Dhanbad News : धनबाद में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरा, 5 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
Dhanbad News : 4 सितंबर तक दर्ज होंगे दावा-आपत्ति, झरिया के 9 और सिंदरी के 1 मतदान केंद्र बंद, नए बूथों का भी हुआ गठन
Dhanbad News : धनबाद जिले में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। 5 अगस्त को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जिसके बाद 4 सितंबर तक नए मतदाता पंजीकरण, नाम सुधार, नाम जोड़ने और हटाने संबंधी दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन के तहत झरिया के 9 और सिंदरी के 1 मतदान केंद्र को बंद किया गया है, जबकि अधिक मतदाता संख्या वाले कई बूथों का विभाजन कर नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
Dhanbad News : धनबाद जिले में आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जिला प्रशासन ने इस अभियान को भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करते हुए घर-घर सर्वेक्षण, मतदाता सत्यापन, फॉर्म वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब जिले के मतदाताओं के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण 5 अगस्त से शुरू होगा, जब प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदित्य रंजन ने अभियान की प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।
5 अगस्त से शुरू होगी दावा-आपत्ति की प्रक्रिया
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया 5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलेगी।
इस दौरान ऐसे सभी पात्र नागरिक, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे नया नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों में त्रुटि होने पर सुधार के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा। मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भी दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान अपनी मतदाता संबंधी सभी त्रुटियों का समय पर समाधान करा लें ताकि अंतिम सूची में उनका नाम सही रूप से दर्ज हो सके।
7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
दावा और आपत्तियों के निस्तारण के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी आवेदनों की जांच की जाएगी। पात्र आवेदनों को स्वीकार करते हुए संशोधित मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि सभी दावों एवं आपत्तियों का निष्पादन पूरा होने के बाद 7 अक्टूबर को जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। यही सूची आगामी चुनावों में मतदान के लिए अधिकृत सूची होगी।
झरिया के 9 और सिंदरी के 1 मतदान केंद्र किए गए बंद
मतदान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन का कार्य भी पूरा किया गया है।
इस प्रक्रिया के तहत झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में स्थित 9 मतदान केंद्रों को बंद किया गया है। वहीं सिंदरी क्षेत्र का 1 मतदान केंद्र भी बंद कर दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में भू-धंसान और आग जैसी समस्याओं के कारण मतदान केंद्रों का संचालन सुरक्षित नहीं था। ऐसे में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का हुआ विभाजन
प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने बताया कि जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, उन्हें विभाजित कर नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इस कदम का उद्देश्य मतदान के दिन लंबी कतारों को कम करना, मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाना तथा मतदाताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। नए बूथ बनने से मतदान कर्मियों पर कार्यभार भी कम होगा और मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सकेगी।
21 लाख से अधिक मतदाता हैं जिले में
धनबाद जिले में वर्तमान में कुल 21 लाख 15 हजार 997 मतदाता पंजीकृत हैं। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य किया।
इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए गए, लेकिन 4 लाख 63 हजार 794 फॉर्म वापस प्राप्त नहीं हो सके।
प्रशासन के अनुसार इन फॉर्मों के वापस नहीं आने के पीछे कई कारण सामने आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मतदाताओं का दूसरे स्थान पर स्थानांतरण, घर पर अनुपस्थित होना, मृत्यु हो जाना तथा डुप्लीकेट नाम शामिल हैं।
इन सभी मामलों की जांच दावा-आपत्ति की अवधि में की जाएगी ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन बनाई जा सके।
झरिया के विस्थापित लोगों के नाम नए स्थान पर जोड़े जाएंगे
झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित परिवारों को भी इस अभियान में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जिन लोगों का विस्थापन हो चुका है, वे दावा-आपत्ति की अवधि के दौरान अपने वर्तमान निवास स्थान के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने अथवा स्थान परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इससे प्रभावित नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना पड़ेगा और वे अपने नए निवास क्षेत्र के मतदान केंद्र पर मतदान कर सकेंगे।
बेहतर कार्य करने वाले बीएलओ होंगे सम्मानित
विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान समय पर शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को जिला प्रशासन सम्मानित भी करेगा।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष रूप से टुंडी क्षेत्र के बीएलओ ने उत्कृष्ट कार्य किया है। ऐसे कर्मियों को 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा ताकि अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा मिल सके।
मतदाताओं से समय पर नाम जांचने की अपील
उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें।
यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि, नाम छूटने या अन्य समस्या सामने आती है तो 4 सितंबर तक संबंधित बीएलओ, निर्वाचन कार्यालय अथवा ऑनलाइन माध्यम से दावा-आपत्ति दर्ज कराएं। समय पर आवेदन करने से अंतिम मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज हो सकेगी और मतदान के दिन किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी लोग अपने परिवार और आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची की जांच और आवश्यक सुधार कराने के लिए प्रेरित करें।
धनबाद में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अब जिला प्रशासन दावा-आपत्ति प्रक्रिया की तैयारी में जुट गया है। 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची नागरिकों को अपने मतदाता संबंधी विवरणों की जांच और आवश्यक सुधार का महत्वपूर्ण अवसर देगी। वहीं मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन, नए बूथों के गठन और विस्थापित मतदाताओं को सूची में शामिल करने जैसे कदम आगामी चुनावों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।