Dhanbad News : केन्दुआडीह NH-32 भू-धसान स्थल पर शुरू हुआ संयुक्त कार्य, लोगों में राहत के साथ भविष्य की चिंता
Dhanbad News : बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने शुरू की खुदाई………….
Dhanbad News : कोयला निकालने की योजना पर स्थानीय लोगों ने जताई आशंका…………….
धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर केन्दुआडीह थाना के पास चार महीने पहले हुए भू-धसान स्थल पर बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क की खुदाई के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जबकि स्थानीय लोगों में राहत के साथ विस्थापन की चिंता भी बनी हुई है।
धनबाद जिले के धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर केन्दुआडीह थाना के समीप करीब चार महीने पहले हुए भू-धसान स्थल पर आखिरकार मरम्मत और तकनीकी जांच का कार्य शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से इस सड़क के बंद रहने के कारण आम लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार सुबह से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की खुदाई का कार्य शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई और पूरे क्षेत्र में सीआईएसएफ तथा स्थानीय पुलिस बल की भारी तैनाती की गई।
सुबह से ही जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से भू-धसान प्रभावित हिस्से को काटने और खुदाई का कार्य शुरू हुआ। मौके पर बीसीसीएल, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार का विरोध, विवाद या अप्रिय घटना सामने न आए। आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर इस कार्रवाई को देखते रहे।
जानकारी के अनुसार फिलहाल बीसीसीएल की तकनीकी टीम सड़क के नीचे मौजूद भू-धसान के वास्तविक दायरे का पता लगाने में जुटी है। इसके साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि सड़क के नीचे कितना कोयला मौजूद है और उसकी स्थिति क्या है। अधिकारियों का मानना है कि जब तक भू-धसान के कारण और नीचे मौजूद कोयले की मात्रा का वैज्ञानिक मूल्यांकन नहीं हो जाता, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।
हालांकि मौके पर मौजूद बीसीसीएल और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। अधिकारियों ने केवल इतना बताया कि पहले विस्तृत खुदाई कर यह पता लगाया जाएगा कि नीचे कोयले का कितना भंडार मौजूद है। यदि कोयले की मात्रा सीमित होगी तो उसे सुरक्षित तरीके से निकालकर भू-धसान वाले हिस्से की भराई की जाएगी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी सड़क के पुनर्निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू करेगा, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दोबारा यातायात बहाल किया जा सके।
धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में से एक है। इस सड़क के बंद होने से हजारों लोगों को रोजाना लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। स्थानीय व्यवसाय, परिवहन और दैनिक आवाजाही भी प्रभावित रही है। कई बार लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की थी। ऐसे में अब काम शुरू होने से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में सड़क फिर से चालू हो सकेगी।
हालांकि राहत के साथ-साथ लोगों की चिंता भी कम नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर काम शुरू होना सकारात्मक कदम है, लेकिन बीसीसीएल की आगे की योजना को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं। उनका आरोप है कि पहले भी कंपनी ने कई बार विकास और सुरक्षा के दावे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दी। इसी वजह से लोग इस बार भी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा डर संभावित विस्थापन को लेकर है। उनका कहना है कि यदि खुदाई के दौरान अधिक मात्रा में कोयला मिलने पर खनन का दायरा बढ़ाया गया और यह घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गया, तो वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के सामने अपने घर छोड़ने की नौबत आ सकती है। लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए।
क्षेत्र के कई लोगों ने यह भी कहा कि भू-धसान जैसी घटनाएं कोयला खनन क्षेत्रों में लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में केवल सड़क की मरम्मत ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन, नियमित निगरानी और मजबूत सुरक्षा उपायों की भी आवश्यकता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में फिर से ऐसी दुर्घटनाएं सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-धसान प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी निर्माण या मरम्मत कार्य से पहले विस्तृत भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरूरी होता है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि जमीन के नीचे की स्थिति कितनी सुरक्षित है और भविष्य में किसी तरह के खतरे की संभावना कितनी है। इसी कारण बीसीसीएल की टीम पहले तकनीकी जांच और कोयले की उपलब्धता का आकलन कर रही है, ताकि आगे की कार्ययोजना उसी के अनुसार बनाई जा सके।
जिला प्रशासन भी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि खुदाई और मरम्मत कार्य के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि सड़क को जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोला जा सके।
फिलहाल धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर शुरू हुई यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों के लिए उम्मीद लेकर आई है। यदि खुदाई, भराई और सड़क मरम्मत का कार्य तय योजना के अनुसार पूरा होता है तो लंबे समय से बाधित यातायात फिर से सामान्य हो सकेगा। वहीं स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि विकास कार्यों के साथ उनकी सुरक्षा, आवास और भविष्य को लेकर भी स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि सड़क निर्माण के साथ किसी भी परिवार को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।