Dhanbad News : पंचेत में DVC के खिलाफ उबाल: क्वार्टर तोड़ने और जबरन खाली कराने के विरोध में 500 लोगों का प्रदर्शन
Dhanbad News : पंचेत के दुर्गा मंदिर से निकला विरोध मार्च छाता मोड़ तक पहुंचा, महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों ने डीवीसी प्रबंधन से पुनर्विचार की मांग की
Dhanbad News : निरसा के पंचेत में डीवीसी द्वारा क्वार्टर तोड़ने और जबरन खाली कराने के प्रस्ताव के विरोध में करीब 500 लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ लोगों ने डीवीसी प्रबंधन से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
धनबाद जिले के निरसा स्थित पंचेत क्षेत्र में दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के खिलाफ गुरुवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। डीवीसी प्रबंधन द्वारा पुराने क्वार्टरों को तोड़ने और निवासियों को जबरन खाली कराने के प्रस्ताव के विरोध में करीब 500 लोगों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही, जिसने आंदोलन को और अधिक व्यापक स्वरूप दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डीवीसी अपने प्रस्ताव पर अमल करता है तो वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहे अनेक परिवार बेघर होने की स्थिति में आ जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने डीवीसी प्रबंधन से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग करते हुए लोगों के हितों की रक्षा करने की अपील की।
प्रदर्शन की शुरुआत पंचेत स्थित दुर्गा मंदिर के समीप रिक्रिएशन क्लब से हुई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित होने लगे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए लोग डीवीसी के प्रस्ताव के विरोध में नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों का जत्था संयुक्त भवन (Combined Building) होते हुए छाता मोड़ तक पहुंचा। पूरे मार्ग में लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को रखा। छाता मोड़ पहुंचने के बाद सभी प्रदर्शनकारी पुनः दुर्गा मंदिर स्थित रिक्रिएशन क्लब लौटे, जहां विरोध सभा आयोजित की गई।
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिवारों के साथ विरोध मार्च में शामिल हुईं। उनका कहना था कि क्वार्टर केवल रहने की जगह नहीं बल्कि कई परिवारों की वर्षों पुरानी पहचान और जीवन का आधार हैं।
महिलाओं ने चिंता जताई कि अचानक क्वार्टर खाली कराने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने डीवीसी से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग की।
स्थानीय लोगों के अनुसार डीवीसी प्रबंधन पंचेत क्षेत्र के कुछ पुराने क्वार्टरों को ध्वस्त करने और उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहता है। इसी प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को क्वार्टर छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन परिवारों ने वर्षों तक यहां निवास किया है, उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।
हालांकि इस मामले में डीवीसी की ओर से प्रदर्शन के दौरान कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
विरोध सभा के दौरान लोगों ने एक स्वर में डीवीसी प्रबंधन के समक्ष कई मांगें रखीं। उनका कहना था कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- क्वार्टर तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई तत्काल रोकी जाए।
- जबरन खाली कराने की प्रक्रिया पर रोक लगे।
- स्थानीय निवासियों से वार्ता कर समाधान निकाला जाए।
- प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की स्पष्ट योजना बनाई जाए।
- मानवीय आधार पर वर्षों से रह रहे परिवारों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
प्रदर्शन के दौरान पूरे समय अनुशासन और शांति बनाए रखी गई। लोगों ने किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ का सहारा नहीं लिया। रैली और सभा के माध्यम से उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की।
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि संवाद के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
पंचेत क्षेत्र लंबे समय से डीवीसी से जुड़ी आवासीय बस्ती के रूप में जाना जाता है। यहां रहने वाले अनेक परिवार पीढ़ियों से इन क्वार्टरों में निवास कर रहे हैं। ऐसे में क्वार्टरों को हटाने की खबर से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
कई परिवारों का कहना है कि उनके पास तत्काल कहीं और रहने की व्यवस्था नहीं है। यदि बिना वैकल्पिक आवास के उन्हें हटाया गया तो आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और डीवीसी प्रबंधन से संवेदनशीलता के साथ मामले का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों के आवास और आजीविका के अधिकारों का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
फिलहाल पंचेत में विरोध प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की नजर डीवीसी प्रबंधन की अगली प्रतिक्रिया और संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।