Giridih News : सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन: झारखंड की राजनीति में शोक की लहर, CM हेमंत सोरेन ने कहा- ‘बड़े भाई का जाना व्यक्तिगत क्षति’
Giridih News : गिरिडीह स्थित आवास पर अचानक बिगड़ी तबीयत, सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती; इलाज के दौरान 6 सितंबर की अहले सुबह निधन की खबर से समर्थकों में शोक
Giridih News : झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, खेलकूद एवं पर्यटन मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई और प्रिय साथी बताया।
झारखंड की राजनीति के लिए 6 सितंबर की सुबह बेहद दुखद खबर लेकर आई। झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, खेलकूद एवं पर्यटन मंत्री तथा गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं तक में इस अप्रत्याशित घटना को लेकर गहरा दुख देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर की देर रात गिरिडीह स्थित अपने आवास पर सुदिव्य कुमार सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल गिरिडीह के मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति गंभीर बनी रही। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति का सामना करना पड़ा। इलाज के दौरान 6 सितंबर की अहले सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर सामने आते ही अस्पताल और उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। हर तरफ मातम का माहौल दिखाई दिया।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट करते हुए कहा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन का दुखद समाचार मिला। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सोनू उनके लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और कठिन परिस्थितियों में मजबूती से साथ खड़े रहना हमेशा याद रहेगा।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना उनके जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। मुख्यमंत्री के इस भावुक संदेश के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि व्यक्त की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सुदिव्य कुमार सोनू दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित कार्यकर्ता और नेता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सोनू ने अपना राजनीतिक जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
उनके राजनीतिक सफर में संगठन के प्रति निष्ठा और जुझारूपन को प्रमुखता से देखा जाता रहा। यही वजह है कि पार्टी के भीतर उन्हें एक समर्पित नेता के रूप में सम्मान प्राप्त था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का झारखंडियत के प्रति समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने जीवन की क्षणभंगुरता का उल्लेख करते हुए कहा कि जो आवाज कल तक लोगों के बीच थी, आज वह केवल स्मृतियों में रह गई है।
सोनू के निधन को मुख्यमंत्री ने अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सोनू भैया की कमी हमेशा महसूस होगी और उनके स्नेह, संघर्ष तथा झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वह जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुदिव्य कुमार सोनू 5 सितंबर की देर रात गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
मर्सी अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और इलाज के दौरान 6 सितंबर की अहले सुबह उनका निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन ने परिवार, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को स्तब्ध कर दिया।
यह घटना इसलिए भी बेहद दुखद मानी जा रही है क्योंकि उनके निधन की खबर अचानक सामने आई और कुछ ही समय में पूरे राज्य में फैल गई।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। वह गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
उनके निधन की खबर के बाद गिरिडीह सहित झारखंड के विभिन्न हिस्सों में शोक का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच अपने नेता को खोने का गहरा दुख है। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए जुट रहे हैं।
सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक जीवन झारखंड की राजनीति और झामुमो संगठन से लंबे समय तक जुड़ा रहा। उनके आकस्मिक निधन ने उनके समर्थकों के साथ-साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी एक ऐसी कमी पैदा कर दी है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
फिलहाल पूरे राज्य की निगाहें उनके अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी आगामी गतिविधियों पर टिकी हैं। उनके निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से लगातार शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।