Dhanbad News : धनबाद में अवैध लॉटरी का जाल: करोड़ों के कारोबार के आरोप, कार्रवाई की मांग हुई तेज
Dhanbad News : झारखंड में प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में खुलेआम बिक रही कथित फर्जी लॉटरी, विधायक से लेकर पुलिस प्रशासन तक पहुंचा मामला
Dhanbad News : धनबाद जिले में कथित अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जिले में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।
धनबाद जिले में अवैध लॉटरी के कथित नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो को सौंपे गए आवेदन में दावा किया गया है कि जिले के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में फर्जी लॉटरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो बड़े पैमाने पर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इस कारोबार के जरिए प्रतिदिन 8 से 10 करोड़ रुपये तक का लेनदेन हो रहा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि झारखंड में लॉटरी प्रतिबंधित होने के बावजूद निरसा, गोविंदपुर, बलियापुर, सिंदरी, झरिया और कतरास समेत कई क्षेत्रों में खुलेआम कथित जाली लॉटरी टिकट बेचे जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके पास इस नेटवर्क से जुड़े कथित सरगनाओं, ठिकानों और संचालन के तरीकों की जानकारी भी मौजूद है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद जिले में अवैध कारोबार और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतने बड़े स्तर पर कारोबार चल रहा है तो संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
वहीं, इस पूरे मामले पर धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ताओं के पास कोई ठोस साक्ष्य या दस्तावेज हैं, तो उन्हें प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके। पुलिस प्रशासन ने संकेत दिया है कि प्रमाण मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि यह मामला पहले भी विधानसभा में उठाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार बंद नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों का सबसे ज्यादा असर गरीब और भोले-भाले लोगों पर पड़ता है, जो जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में ठगी का शिकार बन जाते हैं।
विधायक ने कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक नुकसान का भी मामला है। उन्होंने प्रशासन से अवैध नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह एक बार फिर विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध लॉटरी जैसे नेटवर्क अक्सर कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता, निगरानी और तेज कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन शिकायतों और आरोपों पर आगे क्या कदम उठाता है।
अब देखना यह होगा कि करोड़ों के कथित अवैध कारोबार के आरोपों के बाद जांच एजेंसियां कितनी तेजी से सक्रिय होती हैं और क्या इस नेटवर्क के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई सामने आती है या नहीं।