BCCL Ropeway Removal Drive: जामाडोबा में बंद रोप-वे हटाने की मुहिम तेज, जर्जर लोहे के ढांचों पर चला गैस कटर
BCCL Ropeway Removal Drive : सुरक्षा के बीच हटाए जा रहे परित्यक्त स्ट्रक्चर, अवैध कटाई और आपराधिक गतिविधियों पर लगेगी रोक
BCCL Ropeway Removal Drive : धनबाद के जामाडोबा क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़े बीसीसीएल रोप-वे और परित्यक्त लोहे के ढांचों को हटाने का अभियान तेज हो गया है। प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की संयुक्त कार्रवाई में गैस कटर से जर्जर संरचनाएं हटाई जा रही हैं, जिससे अवैध गतिविधियों और सुरक्षा जोखिमों पर रोक लगने की उम्मीद है।
धनबाद जिले में वर्षों से बंद पड़े बीसीसीएल के रोप-वे और परित्यक्त लोहे के ढांचों को हटाने की मुहिम अब तेज होती नजर आ रही है। जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन ने ऐसे जर्जर और अनुपयोगी ढांचों को हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जामाडोबा डुमरी दो नंबर क्षेत्र से कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और क्षेत्र में बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बुधवार को झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जामाडोबा डुमरी दो नंबर इलाके में बंद पड़े दो रोप-वे के लोहे के ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान बीसीसीएल अधिकारियों की मौजूदगी में मशीनों और गैस कटर की मदद से पुराने और जर्जर लोहे के स्ट्रक्चर को काटकर हटाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और पूरे इलाके में पुलिस बल एवं सीआईएसएफ जवानों की तैनाती की गई।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग भी की गई, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों को भी सुरक्षा घेरे से दूर रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगा।
जर्जर संरचनाएं बन चुकी थीं खतरा
बीसीसीएल अधिकारियों के अनुसार, वर्षों से बंद पड़े ये लोहे के ढांचे अब सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो चुके थे। बारिश, जंग और रखरखाव के अभाव में इनकी स्थिति लगातार खराब हो रही थी। कई जगहों पर ढांचे कमजोर हो चुके थे, जिससे इनके गिरने या दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई थी।
इतना ही नहीं, इन परित्यक्त ढांचों का इस्तेमाल कबाड़ चोरी, अवैध कटाई और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था। जिले के कई हिस्सों में ऐसे बंद पड़े औद्योगिक ढांचे लंबे समय से अपराधियों और कबाड़ माफियाओं के निशाने पर रहे हैं।
अवैध कटाई को लेकर पहले हो चुकी है हिंसक घटना
कुछ दिन पहले जामाडोबा डुमरी दो नंबर क्षेत्र में बंद पड़े ऐसे ही लोहे के ढांचे की अवैध कटाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। कथित तौर पर दो गुटों के बीच कबाड़ और लोहे की कटाई को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि गोलीबारी तक की नौबत आ गई।
इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। माना जा रहा है कि उसी घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परित्यक्त ढांचों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई।
स्थानीय लोगों ने किया फैसले का स्वागत
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से खड़े जर्जर ढांचे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का कारण बने हुए थे। कई बार बच्चे और स्थानीय लोग इन संरचनाओं के आसपास पहुंच जाते थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।
लोगों का मानना है कि इन ढांचों को हटाने से चोरी, अवैध कटाई और आपराधिक गतिविधियों में कमी आएगी। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अभियान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि धनबाद जिले के अन्य इलाकों में मौजूद बंद पड़े औद्योगिक ढांचों और रोप-वे संरचनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में ऐसे ढांचे अभी भी खड़े हैं, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि सर्वे के आधार पर ऐसे सभी परित्यक्त ढांचों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जामाडोबा क्षेत्र में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में जिले के अन्य हिस्सों तक भी पहुंच सकता है।