Jamadoba Shooting Incident : पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, फरार आरोपियों की तलाश जारी
Jamadoba Shooting Incident : डुमरी नंबर-2 में आपसी विवाद के बाद चली थी गोली, पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर किया खुलासा
Jamadoba Shooting Incident : नबाद के जामाडोबा डुमरी नंबर-2 गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आपसी विवाद के दौरान युवक को गोली मारी गई थी। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
धनबाद जिले के झरिया स्थित जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के जामाडोबा डुमरी नंबर-2 में हुई गोलीबारी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। वहीं घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद महतो ने बताया कि 29 मई को डुमरी नंबर-2 निवासी 28 वर्षीय रिक्की सिंह को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
घायल युवक की पत्नी चंदा कौर द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर जोड़ापोखर थाना में कांड संख्या 64/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया। इन सभी आधारों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नानक सिंह और आरिफ अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना से जुड़े कई अहम खुलासे किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी हर्ष सिंह और गौरव सिंह के साथ मिलकर रोपवे केबल उठाने गए थे। इसी दौरान रिक्की सिंह और उसके भाई विजय उर्फ दारा सिंह के साथ विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि हर्ष सिंह ने कथित तौर पर रिक्की सिंह पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित पक्षों के बीच पहले से भी आपराधिक गतिविधियों को लेकर संबंध और विवाद की पृष्ठभूमि रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना केवल आपसी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश भी थी।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घटना में प्रयुक्त दो बजाज पल्सर 220 मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं। ये बाइक बोकारो स्टील रेलवे स्टेशन क्षेत्र से बरामद की गईं। पुलिस का मानना है कि इन वाहनों का इस्तेमाल घटना को अंजाम देने और फरार होने में किया गया था।
एसडीपीओ प्रकाश चंद महतो ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उम्मीद है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस गोलीकांड ने एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और आपसी विवादों के हिंसक रूप लेने की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग भी अब पूरे मामले में सख्त कार्रवाई और जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।