Dhanbad News : राजेश मिश्रा ने लगाए गंभीर आरोप, 1 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी, उपाध्यक्ष विजय यादव ने आरोपों को बताया निराधार
Dhanbad News : चिरकुंडा नगर परिषद में पीएम आवास योजना को लेकर बढ़ा विवाद, राजेश मिश्रा ने उपाध्यक्ष पर अनियमितता और सरकारी राशि दुरुपयोग का लगाया आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग तेज
Dhanbad News : निरसा के चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने नगर परिषद उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता की और 1 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी। दूसरी ओर उपाध्यक्ष विजय यादव ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया है।
चिरकुंडा नगर परिषद में पीएम आवास योजना को लेकर छिड़ा नया विवाद
निरसा के चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने प्रेस वार्ता कर नगर परिषद के उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने योजना में अनियमितता, सरकारी राशि के दुरुपयोग और प्रशासनिक मिलीभगत जैसे मुद्दे उठाए, जिससे क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है।
राजेश मिश्रा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नियमों की अनदेखी कर लाभ दिलाया गया और सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।
तीन प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान राजेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि विजय कुमार यादव ने वार्ड संख्या 16 के पार्षद रहते हुए अपने पारिवारिक सदस्यों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया।
उनके अनुसार, विजय यादव की पत्नी रेखा कुमारी तथा उनके भाइयों अजय कुमार राय और संजय राय के नाम पर तीन प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए थे। मिश्रा ने कहा कि इन आवासों के लिए निर्धारित राशि भी पूरी तरह निकाल ली गई, लेकिन जमीन पर आवास निर्माण का कोई कार्य नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित स्थान पर निजी मकान बनाकर उसे बैंक को किराये पर दे दिया गया है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह सरकारी योजना के नियमों के गंभीर उल्लंघन का मामला बन सकता है।
RTI के माध्यम से सामने आने का दावा
राजेश मिश्रा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से प्राप्त हुई है। उनका दावा है कि दस्तावेजों के आधार पर कई ऐसी जानकारियां सामने आई हैं जो योजना में गंभीर गड़बड़ियों की ओर संकेत करती हैं।
उन्होंने नगर परिषद के कुछ अधिकारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक सहयोग के बिना इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
राजेश मिश्रा ने कहा कि केवल राजनीतिक प्रतिनिधियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उपाध्यक्ष पद से हटाने की उठाई मांग
राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के अध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी राशि की ब्याज सहित वसूली की जाए।
उन्होंने कहा कि नियमों के तहत विजय कुमार यादव को उपाध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
राजेश मिश्रा ने यह भी कहा कि इस संबंध में उन्होंने 21 जनवरी 2026 को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
1 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से नाराज राजेश मिश्रा ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो राष्ट्रीय जनता कामगार संघ के बैनर तले 1 जून 2026 से चिरकुंडा नगर परिषद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
राजेश मिश्रा ने दावा किया कि यह आंदोलन जनता के हित और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया जाएगा।
विजय कुमार यादव ने आरोपों को बताया राजनीतिक
वहीं दूसरी ओर चिरकुंडा नगर परिषद के उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ये आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद हैं। विजय यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत ही मिलता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी प्रकार की शिकायत है तो निष्पक्ष जांच कराई जा सकती है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर प्रशासनिक जांच की दिशा में जाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।