Dhanbad News : तोपचांची गोलीकांड की कहानी संदिग्ध, कोयला वर्चस्व विवाद से जुड़ा हो सकता है मामला
Dhanbad News : एसडीपीओ ने घायल के बयान पर जताया संदेह, दुग्दा क्षेत्र में वास्तविक घटनास्थल की तलाश में जुटी पुलिस
Dhanbad News : धनबाद के तोपचांची में सामने आए कथित गोलीकांड मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में घायल और उसके साथी के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद मामला सड़क अपराध से ज्यादा कोयला वर्चस्व विवाद से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस अब दुग्दा क्षेत्र में वास्तविक घटनास्थल की तलाश कर रही है।
धनबाद जिले के तोपचांची थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के हुए कथित गोलीकांड मामले में पुलिस जांच के बाद कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती तौर पर जिस घटना को सड़क अपराध और बाइक लूट से जोड़कर देखा जा रहा था, अब पुलिस उसे कोयला क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर जांच कर रही है। बाघमारा एसडीपीओ ने साफ संकेत दिए हैं कि घायल युवक और उसके साथी की कहानी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं लग रही है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि तोपचांची थाना क्षेत्र में एक युवक को गोली मार दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और घायल युवक रवि बख्श राय को इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है और पुलिस अधिकारियों ने वहीं पहुंचकर उससे पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दौरान कुल तीन राउंड फायरिंग हुई थी, जिनमें से दो गोलियां रवि बख्श राय के दोनों पैरों में लगीं। पूछताछ में घायल युवक ने दावा किया कि वह अपने दोस्त दिवाकर सिंह के साथ पल्सर एनएस बाइक से देवघर जा रहा था। इसी दौरान तोपचांची बाजार के पास बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें रोका, गोली मारी और बाइक लूटकर फरार हो गए।
हालांकि पुलिस को इस कहानी में कई ऐसे पहलू मिले, जिसने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया। एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल ने बताया कि घायल युवक और उसके साथी के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। दोनों के बयान में समय, स्थान और घटना के तरीके को लेकर कई विरोधाभास सामने आए हैं।
पुलिस टीम जब कथित घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की तो वहां से न तो खून के निशान मिले और न ही गोली चलने के कोई ठोस सबूत। घटनास्थल से कोई खोखा भी बरामद नहीं हुआ। यही वजह है कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं वास्तविक घटनास्थल कोई दूसरा स्थान तो नहीं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मामला दुग्दा थाना क्षेत्र के कोयला खनन इलाके से जुड़ा हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि कोयला कारोबार और अवैध खनन क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर हुए विवाद के दौरान फायरिंग की घटना हुई और बाद में इसे तोपचांची में हुई घटना के रूप में पेश किया गया।
कोयला क्षेत्रों में वर्चस्व की लड़ाई और अवैध कारोबार को लेकर पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अगर यह मामला वास्तव में कोयला सिंडिकेट या वर्चस्व विवाद से जुड़ा निकला तो जांच का दायरा और बड़ा हो सकता है।
अब पुलिस टीम दुग्दा थाना क्षेत्र जाकर संभावित वास्तविक घटनास्थल की तलाश करेगी। वहां के स्थानीय लोगों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना की सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वास्तव में सड़क लूट की घटना थी या फिर कोयला क्षेत्र की वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा? पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि तोपचांची गोलीकांड की कहानी अब पहले जैसी नहीं रह गई है और जांच की दिशा पूरी तरह बदल चुकी है।