Dhanbad में अवैध बालू खनन पर छापेमारी: NGT की रोक के बावजूद जारी कारोबार, दो वाहन जब्त
Dhanbad : खनन विभाग की तड़के कार्रवाई में 400 सीएफटी बालू बरामद, तेलमच्चो घाट पर अवैध खनन करते मिले ट्रैक्टर चालक मौके से फरार
Dhanbad में एनजीटी द्वारा बालू उठाव पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद अवैध खनन का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन विभाग ने सुरक्षा बलों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर दो बालू लदे वाहनों को जब्त किया है और तेलमच्चो घाट से अवैध खनन के साक्ष्य जुटाए हैं। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Dhanbad में अवैध बालू खनन पर बड़ी कार्रवाई, NGT की रोक के बावजूद दो वाहन जब्त
धनबाद में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा 10 जून से नदियों से बालू उठाव पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू खनन का कारोबार खुलेआम जारी है। प्रशासन की सख्ती और कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद बालू माफिया सक्रिय हैं, जिससे सरकारी नियमों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गुरुवार तड़के खनन विभाग ने सुरक्षा बलों के सहयोग से विभिन्न इलाकों में छापेमारी अभियान चलाकर अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह और ब्रह्मदेव यादव के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने धनबाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान बरटांड़ बस स्टैंड के समीप धैया रोड पर बालू लदे दो वाहनों को रोककर उनकी जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालकों से बालू परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और परमिट मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
परमिट नहीं मिलने पर अधिकारियों ने दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर लिया। जब्त किए गए वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धनबाद थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों वाहनों से लगभग 400 सीएफटी अवैध बालू बरामद किया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि बालू कहां से निकाला गया था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
छापेमारी अभियान के अगले चरण में खनन विभाग की टीम तेलमच्चो बालू घाट पहुंची। यहां का नजारा चौंकाने वाला था। एनजीटी के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद दामोदर नदी से बालू खनन और उसकी लोडिंग का कार्य जारी था। अधिकारियों के पहुंचते ही मौके पर मौजूद कथित अवैध कारोबारी और ट्रैक्टर चालक अपनी-अपनी गाड़ियों की चाबी लेकर फरार हो गए।
हालांकि विभागीय अधिकारियों ने मौके से अवैध खनन के कई साक्ष्य जुटाए हैं। खनन स्थल की तस्वीरें, वीडियो और अन्य प्रमाणों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी द्वारा हर वर्ष मानसून अवधि के दौरान नदियों से बालू खनन पर रोक लगाई जाती है, ताकि नदी तंत्र, जल प्रवाह और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अवैध खनन जारी रहना प्रशासन और निगरानी व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। पर्यावरणविदों का मानना है कि लगातार हो रहा अवैध खनन नदियों के अस्तित्व और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि कई घाटों पर रात के अंधेरे में बालू की निकासी की जाती है और प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।
खनन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध खनन या बालू परिवहन की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को जानकारी दें।
फिलहाल धनबाद में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध बालू खनन का नेटवर्क आखिर किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की आगे की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।